रतन टाटा को याद कर भावुक हुए पीयूष गोयल, सुनाया घर पर नाश्ता करने का किस्सा

टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा का 86 साल की उम्र में निधन हो गया. रतन टाटा ने बुधवार रात मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली. उनके निधन पर देशभर में शोक है. मशरहूर हस्तियां उनसे जुड़े किस्से भी साझा कर रही हैं. इसी बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल रतन टाटा से मुलाकात का एक किस्सा बताते हुए भावुक हो गए.

रतन टाटा को याद करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भावुक हो गए. उन्होंने कहा, ‘विचारशील आइडिया ही किसी शख्स को रतन टाटा बनाते हैं जिनसे 140 करोड़ भारतीय प्यार करते हैं और दुनिया लगाव रखती है.’ 

एक पुराना किस्सा याद करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ‘मुझे याद है कि जब वह एक बार मुंबई में नाश्ते के लिए घर आए थे. हमने केवल साधारण इडली, सांभर, डोसा उन्हें परोसा था… लेकिन उन्होंने बिना किसी शिकायत के बड़े चाव से उसे खाया. मेरा मतलब है, उनके पास दुनिया के सबसे अच्छे रसोइये होंगे लेकिन वह उस साधारण नाश्ते की बहुत सराहना करते रहे. वह परिवार में हम सभी के प्रति बहुत दयालु थे। वह नाश्ता परोसने वाले सर्वर के प्रति बहुत दयालु थे. उन्होंने दो घंटे हमारे घर में बिताए. आखिर में उन्होंने मेरी पत्नी से पूछा कि क्या तुम मेरे साथ एक तस्वीर लेना चाहोगी? हम वास्तव में ऐसा करना चाहते थे, लेकिन पूछने में संकोच कर रहे थे.’

उधर, रतन टाटा के निधन के बाद उनका नाम देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न के लिये प्रस्तावित कर दिया गया है. महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने आज कैबिनेट बैठक में इस पर चर्चा की कि रतन टाटा का नाम भारत रत्न पुरस्कार के लिए प्रस्तावित किया जाना चाहिए और बाद में यह पारित भी किया गया. कैबिनेट बैठक के दौरान रतन टाटा की याद में शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया .

रतन टाटा के पार्थिव शरीर को वर्ली के पारसी श्मशान भूमि लाया जाएगा. सबसे पहले पार्थिव शरीर को प्रेयर हॉल में रखा जाएगा. हॉल में करीब 200 लोग मौजूद रह सकते हैं. प्रार्थना लगभग 45 मिनट तक होगी. प्रार्थना हॉल में पारसी रीति से ‘गेह-सारनू’ पढ़ा जाएगा. रतन टाटा के पार्थिव शरीर मुंह पर एक कपड़े का टुकड़ा रख कर ‘अहनावेति’ का पहला पूरा अध्याय पढ़ा जाएगा. ये दरअसल शांति प्रार्थना की एक प्रक्रिया है. प्रेयर प्रक्रिया पूरा होने के बाद पार्थिव शरीर को इलेक्ट्रिक अग्निदाह में रखा जाएगा और इस तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होगी.

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