इथियोपिया की संसद में पीएम मोदी, बोले- ‘140 करोड़ लोगों की दोस्ती का संदेश लाया हूं… ‘

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 दिसंबर को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंचे। यह पिछले 15 सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली इथियोपिया यात्रा थी। इस दौरे को भारत और अफ्रीका के रिश्तों के लिए बहुत अहम माना जा रहा है। इथियोपिया को अफ्रीका में कूटनीति का एक बड़ा केंद्र माना जाता है, इसलिए यह यात्रा खास रही।

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबिय अहमद अली के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने अपने संबंधों को औपचारिक रूप से ‘रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया। इसका मतलब है कि भारत और इथियोपिया अब राजनीति, व्यापार, सुरक्षा और विकास जैसे क्षेत्रों में मिलकर और मजबूत सहयोग करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और इथियोपिया की दोस्ती पर बात करते हुए कहा कि दोनों देशों की संस्कृति और विरासत में कई समानताएं हैं। उन्होंने इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित  करते हुए कहा, “लोकतंत्र के मंदिर में आना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं 140 करोड़ भारतीयों का संदेश लेकर आया हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के रिश्ते बहुत मजबूत हैं। इथियोपिया सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को देश का सर्वोच्च सम्मान “द ग्रेट ऑनर निशां ऑफ इथियोपिया” प्रदान किया। यह सम्मान पाने वाले वे पहले वैश्विक नेता बने। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए बहुत गर्व की बात है और यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे भारत का है। उन्होंने कहा कि शेरों की धरती इथियोपिया में आकर उन्हें बहुत खुशी हो रही है।

उन्होंने गुजरात का जिक्र करते हुए कहा कि उनका गृह राज्य भी शेरों के लिए जाना जाता है, इसलिए उन्हें यहां अपनापन महसूस हो रहा है।उन्होंने भारत के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” और इथियोपिया के राष्ट्रगान की तुलना करते हुए कहा कि दोनों ही अपनी मातृभूमि को मां मानते हैं और देश की रक्षा व संस्कृति पर गर्व करना सिखाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इथियोपिया में मौसम और भावनाएं, दोनों में गर्मजोशी है।

भारत और इथियोपिया के रिश्ते बहुत पुराने और मजबूत रहे हैं। शीत युद्ध के समय से ही दोनों देशों में मित्रता बनी हुई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और निर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत ने इथियोपिया में अहम योगदान दिया है। आज भी बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर इथियोपिया में काम कर रहे हैं और दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत बना रहे हैं।

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