आंबेडकर जयंती पर पीएम मोदी हरियाणा को देंगे सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंबेडकर जयंती के अवसर पर आज यानी 14 अप्रैल को हरियाणा का दौरा करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी हिसार और यमुनानगर में राज्यवासियों को कई विकास योजनाओं की सौगात देंगे। सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिसार जाएंगे। सुबह 10:15 बजे हिसार से अयोध्या के लिए कमर्शियल उड़ान को हरी झंडी दिखाएंगे। हिसार में पीएम के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किजराजू, राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, हरियाणा सरकार में मंत्री विपुल गोयल और रणबीर गंगवा भी उपस्थित रहेंगे।

हवाई यात्रा को सुरक्षित, किफायती और सुलभ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप पीएम मोदी हिसार में महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन की आधारशिला रखेंगे। इसकी लागत 410 करोड़ रुपए से ज्यादा होगी। साथ ही एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

इसके बाद करीब 12:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यमुनानगर में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। साथ ही जनता को संबोधित भी करेंगे।

इस एयरपोर्ट में अत्याधुनिक यात्री टर्मिनल, कार्गो टर्मिनल और एटीसी बिल्डिंग शामिल होगी। प्रधानमंत्री हिसार से अयोध्या के लिए पहली उड़ान को भी हरी झंडी दिखाएंगे। हिसार से अयोध्या (सप्ताह में 2 बार) के लिए निर्धारित उड़ानों, जम्मू, अहमदाबाद, जयपुर और चंडीगढ़ के लिए सप्ताह में 3 उड़ानों के साथ, यह विकास हरियाणा की विमानन कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इसके बाद पीएम मोदी दीनबंधु छोटू राम थर्मल पावर प्लांट की 800 मेगावाट की आधुनिक थर्मल पावर यूनिट की आधारशिला रखेंगे। यह यूनिट 233 एकड़ में फैली है, जो करीब 8,470 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी। इससे हरियाणा की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और पूरे प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

भारतमाला परियोजना के तहत पीएम मोदी करीब 1,070 करोड़ रुपये की लागत वाली 14.4 किलोमीटर लंबी रेवाड़ी बाईपास परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे। इससे रेवाड़ी शहर में भीड़-भाड़ कम होगी, दिल्ली-नारनौल की यात्रा का समय करीब एक घंटे तक कम होगा और क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

पीएम मोदी यमुनानगर के मुकरबपुर में एक कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की आधारशिला रखेंगे। प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 2,600 मीट्रिक टन होगी। यह प्लांट स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देते हुए प्रभावी जैविक अपशिष्ट प्रबंधन में मदद करेगा।

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