स्पेन के प्रधानमंत्री के साथ 28 अक्टूबर को वडोदरा का दौरा करेंगे PM मोदी, Airbus प्रोजेक्ट का करेंगे उद्घाटन

पीएम मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज 28 अक्टूबर को गुजरात दौरे पर रहेंगे. दोनों नेता वडोदरा में टाटा एडवांस सिस्टम एयरबस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे, जिससे Make in India के तहत स्वदेशी विमानों के प्रोडक्शन को बढ़ावा मिलेगा. दोनों नेता यहां उद्योगपतियों से भी मुलाकात करेंगे. मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री के दौरे से पहले वडोदरा में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं. 

दरअसल, वायुसेना के लिए पहले मेड इन इंडिया C295 विमान का निर्माण टाटा एडवांस सिस्टम्स लिमिटेड और स्पेन की एयरबस डिफेंस एंड स्पेस कंपनी द्वारा वडोदरा में किया जा रहा है. ये साल 2026 में बनकर तैयार हो जाएगा. ऐसे कुल 40 विमान इसी जगह पर बनाए जाएंगे. इसी का उद्घाटन करने के लिए दोनों नेता वडोदरा पहुंचेंगे. इस कार्यक्रम के बाद दोनों देशों के पीएम वडोदरा के लक्ष्मी विलास पैलेस में लंच करेंगे. साथ ही द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे.

प्रधानमंत्री अमरेली जिले में गांगडीया नदी पर बने भारतमाता सरोवर का उद्घाटन करेंगे. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के ₹2800 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे. ₹1094 करोड़ की लागत से बने भुज-नलिया गेज परिवर्तन परियोजना का उद्घाटन किया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अक्टूबर को अमरेली में ₹4800 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे, जिसमें अमरेली, जामनगर, मोरबी, देवभूमि द्वारका, जूनागढ़, पोरबंदर, कच्छ और बोटाद जिलों की लगभग 1600 परियोजनाएं शामिल हैं. पीएम ₹705 करोड़ की लागत से विभिन्न जल आपूर्ति के अलग अलग विकास कार्यो का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. 

बता दें कि भारतीय वायुसेना Airbus से 56 C295 एयरक्राफ्ट खरीदेगी. इसमें से 40 का निर्माण Tata Advanced System करेगी, जबकि 16 विमानों की डिलीवरी Airbus ‘फ्लाई-अवे’ कंडीशन में करेगी. ये ट्रांसपोर्ट विमान वायुसेना के मौजूदा AVRO विमान बेड़े का स्थान लेंगे. वायुसेना के लिए घरेलू स्तर पर अभी तक एयरक्राफ्ट बनाने का काम प्रमुख तौर पर हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को ही मिलता रहा है. ये पहली बार होगा जब देश की कोई प्राइवेट कंपनी वायुसेना के लिए हवाई जहाज बनाएगी. 

Airbus वायुसेना को 16 विमानों की आपूर्ति इस कॉन्ट्रैक्ट के लागू होने के बाद 4 सालों में करेगी. इस विमान में एक बार में 71 ट्रूप्स या 50 पैरा ट्रूपर्स को ले जाने की क्षमता है. इतना ही नहीं इसका उपयोग मेडिकल इवैक्युएशन, लॉजिस्टिक, स्पेशल मिशन, आपदा प्रबंधन और समुद्री सीमा की पहरेदारी में काम आता है. इसकी खास बात ये है कि ये छोटी हवाई पट्टियों के साथ-साथ उन दुर्गम इलाकों में भी उड़ान भर सकता है जहां ढंग की हवाई पट्टी नहीं है. इन सभी विमानों में स्वेदशी Electronic Warfare Suite की सुविधा होगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *