पीएम मोदी का बड़ा बयान, कहा- विक्रांत का नाम सुनकर पाकिस्तान की नींद उड़ गई थी, आज भारत है मजबूत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विक्रांत पर वहां मौजूद जवानों के साथ दीपावली मनाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आईएनएस व्रिकांत ने अपने नाम से ही पूरे पाकिस्तान की नींद उड़ा दी थी। ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था। जो दुश्मन के होश उड़ा दे वो विक्रांत है। यह स्वेदशी सैन्य क्षमता का प्रतीक है। यह विशाल, विराट और विहंगम है। आईएनएस विक्रांत भारत की प्रतिभा का प्रतीक है।

पीएम ने कहा कि सभी को दीपावली अपने परिवार के साथ मनाने की इच्छा होती है। मुझे भी यहीं लगता है कि अपने परिवार के साथ दीपावली मनाऊं। आप ही मेरा परिवार हो, इसलिए हर बार सेना के जवानों के साथ त्योहार मनाने पहुंच जाता हूं। हमारे जवान ही हमारी दीपमालाएं हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मैं ऐसी बात बताने जा रहा हूं, जिससे देशवासियों के दीयों में और रोशनी आ जाएगी। हर 40 दिन में एक नया युद्धपोत या पनडुब्बी नेवी में शामिल की जा रही है। इससे हमारी सेना को ताकत मिल रही है।

पीएम ने कहा- ये बड़े बड़े शिप, हवा से भी तेज गति से चलने वाले हवाई जहाज, ये पनडुब्बियां, ये अपनी जगह पर हैं। लेकिन, जो जज्बा आपमें हैं, वो उसको भी जानदार बना देता है। ये शिप भले ही लोहे के हों, लेकिन जब आप उसपर सवार होते हैं, तो वो जांबाज, जीवित सैन्य बन जाता है। मैं कल से आपके बीच हूं। एक-एक पल मैंने कुछ न कुछ सीखा है, कुछ न कुछ जाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा – जब दिल्ली से निकला था, तो मन करता था कि मैं भी इस पल को जी लूं। लेकिन, साथियों आप लोगों का परिश्रम, आप लोगों की तपस्या, आप लोगों की साधना, आप लोगों का समर्पण इतनी ऊंचाई पर है कि मैं उसे जी नहीं पाया। लेकिन, मैं उसे जान जरूर पाया। आप सभी को भी दीपावली की शुभकामनाएं और आईएनएस विक्रांत की इस वीर भूमि से भी देश के कोटि-कोटि देशवासियों को भी दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं।खास तौर पर आपके परिजनों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

छत्रपति महाराज की प्रेरणा से नया ध्वज अपनाया

दीपावली के पर्व में हर किसी को अपने परिवार के बीच दिवाली मनाने का मन करता है। मुझे भी अपने परिवारजनों के बीच दिवाली मनाने की आदत पड़ गई है। इसलिए मैं आप सब परिजनों के बीच दिवाली मनाने चला आता हूं। आप सबको याद होगा, जिस दिन देश को स्वदेशी आईएनएस विक्रांत मिला था, उसी दिन भारतीय नौसेना ने गुलामी के एक बड़े प्रतीक चिन्ह का त्याग कर दिया था। हमारी नेवी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रेरणा से नया ध्वज अपनाया था।

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