नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद पर एक बार फिर से भारत का रुख साफ कर दिया है। उन्होंने पाकिस्तान को सीधा और कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारतीयों का खून बहाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे आतंकवादियों के लिए कोई भी ठिकाना न तो सेफ है और न ही सुरक्षित होगा। पहलगाम की बैसरन घाटी में निर्दोष भारतीय पर्यटकों का नरसंहार करने के बाद पीएम मोदी ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि इस हमले को अंजाम देनेवाले और उन्हें संरक्षण देनेवालों दोनों को मिट्टी में मिला दिया जाएगा। इसके बाद इंडियन आर्म्ड फोर्सेज ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के शिविरों को तबहा कर दिया था।
पाकिस्तान ने इसके बाद फड़फड़ाने की कोशिश की तो उसके 11 एयरबेस पर भी एयर स्ट्राइक कर उसे व्यापक पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। इसके बाद पाकिस्तान झट से घुटनों पर आ गया और सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाने लगा था। इसके बाद भारत ने प्रहार करना बंद किया था। हालांकि, भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऑपरेशन सिंदूर खत्म नहीं हुआ है। यह जारी है। यदि किसी भी तरह की हिमाकत की गई छोड़ा नहीं जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के दो महानतम आध्यात्मिक और नैतिक नेताओं श्री नारायण गुरु और महात्मा गांधी के बीच ऐतिहासिक बातचीत के शताब्दी समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर पीएम मोदी ने आतंकवाद और आतंकियों को सुरक्षा देने वालों को साफ लहजे में सख्त संदेश दिया है। बता दें कि पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद के जरिये भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर चला रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने एक सांप्रदायिक भड़काऊ भाषण दिया था। इसके बाद पहलगाम की बैसरन घाटी में नृशंस तरीके से हमला किया गया था। आतंकवादियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर उनकी हत्या कर दी थी। इस घटना से पूरा देश और पूरी दुनिया सन्न रह गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि भारत के सशक्तीकरण के लिए हमें आर्थिक, सामाजिक और सैन्य, हर पहलू में आगे रहना है। आज देश इसी रास्ते पर चल रहा है। भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया ने हाल ही में ये भी देखा है कि भारत का सामर्थ्य क्या है। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति को दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है। हमने दिखा दिया है कि भारतीयों का खून बहाने वालों के लिए कोई भी ठिकाना सुरक्षित नहीं है। आज का भारत देशहित में जो भी सही है, उसके हिसाब से कदम उठाता है।