असम की राजधानी गुवाहाटी में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा हमले की बरसी पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
पुलवामा शहीदों को श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन देश के लिए भावनात्मक है। उन्होंने 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को नमन करते हुए कहा:
“इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह आतंकियों को सज़ा दी, वह पूरी दुनिया ने देखा है और कुछ लोग आज भी कांप रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि नया भारत अपनी सीमाओं को मजबूत करने के साथ-साथ दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देने की क्षमता रखता है।
‘नया भारत सुरक्षा के लिए तैयार’
प्रधानमंत्री ने कहा कि असम में विकसित की गई इमरजेंसी लैंडिंग स्ट्रिप केवल बुनियादी ढांचा नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा तैयारी का प्रतीक है।
उन्होंने कहा:
- भारत अब रक्षात्मक नहीं, निर्णायक जवाब देने की नीति पर चलता है
- देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है
- ऑपरेशन “सिंदूर” जैसे अभियानों से भारत की ताकत दुनिया ने देखी है
कांग्रेस पर तीखा हमला
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि:
- कांग्रेस ने दशकों तक असम को हिंसा और अशांति में रखा
- तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा दिया
- पूर्वोत्तर के विकास को नजरअंदाज किया
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे तत्वों को बढ़ावा देती है जो देश को कमजोर करना चाहते हैं।
असम में शांति और विकास का दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले असम बम धमाकों, बंद और कर्फ्यू के लिए जाना जाता था, लेकिन अब राज्य शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा और NDA सरकार पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता दे रही है और बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।
‘देशहित में फैसले लेने की ताकत’
पीएम मोदी ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस में देशहित में कठोर फैसले लेने का साहस था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
पुलवामा हमले की बरसी पर दिया गया यह संबोधन राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में रहा। प्रधानमंत्री का संदेश स्पष्ट था कि नया भारत सुरक्षा और संप्रभुता के मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।