पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान बौखला गया है। भारत लगातार पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों का जवाब देते हुए उसे लगातार नाकाम कर रहा है। इस जवाबी कार्रवाई से परेशान होकर अब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बड़ा फैसला लेते हुए नेशनल कमांड अथॉरिटी की बैठक बुलाई है।
यहां भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया है तो वहीं इसके जवाब में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन बुनयान उल मरसूस’ शुरू कर दिया है। पाकिस्तान की तरफ से ‘ऑपरेशन बुनयान उल मरसूस’ शुरू करने के बाद जम्मू-कश्मीर में कई हिस्सों पर नाकाम हमले किए है। कई भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ये नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) की बैठक बुलाई है।
नेशनल कमांड अथॉरिटी की बैठक पाकिस्तानी सेना और वहां की सरकार की टॉप कमिटी है, जो देश से जुड़े बड़े फैसले लेती है। जब भी परमाणु बम की बात होती है, तब भी पाकिस्तान की ये कमिटी फैसला लेने में अहम भूमिका निभाती है। इस मीटिंग में पाकिस्तान के बड़े आला अधिकारी शामिल होते है, इसमें सेना के भी आला अधिकारी शामिल होते है।
नेशनल कमांड अथॉरिटी पाकिस्तान की वह सर्वोच्च संस्था है जो देश के परमाणु हथियारों के निर्माण, नियंत्रण, सुरक्षा और इस्तेमाल के मामलों की निगरानी करती है। NCA की स्थापना 2000 में की गई। इसकी स्थापना करने का उद्देश्य ये था परमाणु हथियारों का इस्तेमाल एक सख्त और संगठित तरीके से की जा सके। विशेषज्ञ बताते है कि पाकिस्तान अब बात को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उधर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भी सीधे पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख जनरल मुनीर से बात करने की बात सामने आई है। इस बातचीत से कई संकेत निकल रहे हैं।
आपको जानकारी दें कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक 26 अलग-अलग जगहों पर ड्रोन हमले करने का दावा कर रहा है। हालांकि, भारतीय रक्षा मंत्रालय के बयान के मुताबिक, एयरबेस और वायुसेना ठिकानों समेत सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर किए गए हमलों को बखूबी से नाकाम कर दिया है। मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान ने कई आबादी वाले भारतीय क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमले किए थे। इन क्षेत्रों में बारामुल्ला, जम्मू, फिरोजपुर, पठानकोट, फाजिल्का, लालगढ़ जट्टा, श्रीनगर, अवंतीपोरा, नगरोटा, जैसलमेर, बाड़मेर, भुज, कच्छ का कुवरबेट और लखी शामिल हैं।