सुल्तानपुर कांड के मुख्य आरोपी विपिन सिंह के भाइयों को पुलिस ने उठाया, परिवार को सता रहा एनकाउंटर का डर

सुल्तानपुर लूट कांड के मुख्य आरोपी माने जा रहे हिस्ट्रीशीटर विपिन सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. वहीं, दूसरे आरोपी मंगेश यादव को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया. मंगेश का एनकाउंटर सवालों के घेरे में हैं और इसपर खूब सियासत हो रही है. इन सबके बीच पुलिस ने विपिन सिंह के दोनों भाइयों को भी उठा लिया है. ऐसे में परिवार को विपिन के साथ उसके भाइयों के भी एनकाउंटर का डर सता रहा है. विपिन के भाई विमल की पत्नी और उसकी मां ने ‘आजतक’ के साथ बातचीत में पूरी कहानी बताई है.  

दरअसल, अमेठी निवासी हिस्ट्रीशीटर विपिन सिंह के परिवार की तरफ से भी अब पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं. विपिन के सबसे छोटे भाई विमल की गिरफ्तारी को लेकर पत्नी कोमल ने चिंता जाहिर की है. कोमल का कहना है कि पति को पुलिस बिना किसी आरोप के अपने साथ ले गई, जबकि इस मामले में उसका कहीं जिक्र नहीं है.

बकौल कोमल- हमारे पति विमल की कपड़े की दुकान है. वह इसी के सहारे परिवार का पेट पालते हैं. 29 तारीख को जब वह दुकान बंद करके घर आ रहे थे, तभी उनको पुलिस ने उठा लिया. 

कोमल का दावा है कि विमल पूरी तरह से निर्दोष है और उसने कुछ नहीं किया है. कोमल का यह भी कहना है कि पुलिस ने अभी तक परिवार को विमल के बारे में किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी है. 6 महीने की बेटी है. घर में कोई दवाई तक लाने वाला नहीं है. पूरा परिवार बेहद परेशान है. 

वहीं, विपिन की मां विमला सिंह ने कहा कि दो दिन पहले बेटे विमल को पुलिस उठाकर ले गई है.  बोला था कि आधे घंटे में पूछताछ के बाद छोड़ देंगे. एक और बेटे विवेक को भी बैठा लिया. पुलिस मेरे तीनों बेटों को फर्जी फंसा रही है. वे निर्दोष हैं. उनके पिता नहीं है.

विपिन सिंह के परिवार को भी एनकाउंटर का डर सता रहा है. विपिन के छोटे भाई विमल की पत्नी कोमल का कहना है कि अब पूरे परिवार को डर है कि कहीं पुलिस एनकाउंटर ना कर दे. पुलिस दोनों भाइयों को ले गई है. कुछ बता भी नहीं रही है. वहीं, इससे पहले सुल्तानपुर कोर्ट में पेशी पर आए विपिन ने भी खुद के एनकाउंटर की आशंका जताई थी. 

आपको बता दें कि विपिन सिंह शातिर अपराधी है. विपिन के ऊपर गुजरात से लेकर यूपी तक के 8 जिलों में लूट-डकैती-चोरी और हत्या के प्रयास तक के केस दर्ज हैं. उसके ऊपर कुल 36 केस दर्ज हैं. दूसरी तरफ मंगेश यादव के ऊपर 8 केस दर्ज थे.

सुल्तानपुर में हुई डकैती की घटना के बाद यानी 4 सितंबर को ही विपिन सिंह ने रायबरेली कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. मगर मंगेश यादव फरार चल रहा था, जिसे एसटीएफ ने 6 सितंबर को एनकाउंटर में मार गिराया.  

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