अहमदाबाद: गरबा महोत्सव को लेकर पुलिस ने जारी की गाइडलाइन, रात 12 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर होगी कार्रवाई

नवरात्र महोत्सव के दौरान गरबा कार्यक्रम आयोजित करने वाले आयोजकों के लिए अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर ने गाइडलाइन जारी की है और आयोजकों से इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने को कहा है. गाइडलाइन में रात 12 बजे तक ही माइक और लाउडस्पीकर बजाने की परमिशन दी है. साथ ही 3 से 11 अक्टूबर के दौरान अहमदाबाद शहर पुलिस कमिश्नर के अंतर्गत आने वाले सभी पुलिस स्टेशनों के पुलिस इंस्पेक्टर को केवल टिकट-पास और पार्टी प्लॉट/क्लब/थिएटर हाउस के अलावा अन्य कार्यक्रमों में नवरात्र उत्सव तक लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति देने के लिए अधिकृत किया गया है.

अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, गरबा आयोजित कमेटी की ओर से एक जिम्मेदार व्यक्ति नियुक्त करने का निर्देश दिया है और इनके नाम, पता और मोबाइल नंबर समेत जानकारी पुलिस स्टेशन में देनी होगी. ताकि महिलाओं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित किया जा सके और इससे नशे का सेवन करने वाले व्यक्ति को भी गरबा स्थल में प्रवेश करने से रोका जा सके.

गाइड लाइन के मुताबिक, टिकट या पास वाले पार्टी प्लॉट और क्लबों के लिए रास-गरबा कार्यक्रमों के लिए लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति पुलिस थाने से नहीं मिलेगी. ऐसे कार्यक्रमों की परमिशन के लिए संयुक्त पुलिस आयुक्त, ट्रैफिक (लाइसेंस ब्रांच) के ऑफिस से दी जाएगी.

पुलिस ने आयोजकों से कहा है कि गरबा आयोजन स्थलों पर एकत्रित होने वाले लोगों की एंट्री और निकासी के लिए अलग-अलग गेटों की व्यवस्था करनी होगी. आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा की, गरबा स्थल के दोनों तरफ 200 मीटर तक सड़क पर कोई ट्रैफिक जाम न हो और पार्किंग में कोई बाधा न हो. यदि कोई संदिग्ध वाहन मिले तो तुरंत पुलिस का सूचना देनी होगी.

गरबा कार्यक्रम के आयोजकों को इलेक्ट्रिक फिटिंग की उपयुक्तता एवं फायर सेफ्टी की जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में प्रमाण-पत्र देना होगा. गरबा स्थल पर पार्किंग की व्यवस्था आयोजकों द्वारा स्वयंसेवकों/सुरक्षा गार्डों के माध्यम से करनी होगी और सड़क पर पार्किंग नहीं होनी चाहिए. गरबा कार्यक्रम के आयोजकों को प्राइवेट सिक्योरिटी के माध्यम से एंटी सबोटाज चेकिंग कराना होगा, कार्यक्रम स्थलों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे.

पुलिस स्टेशन या संयुक्त पुलिस कमिश्नर (यातायात) के स्तर से लाउडस्पीकर की अनुमति के लिए आवेदन के साथ किराए पर लिए गए या किराए पर लिए जाने वाले साउंड सिस्टम की जानकारी और उसके साथ रहने वाले व्यक्ति का नाम, पता और फोटो पहचान-पत्र के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम-2000 की धारा 5(2) के प्रावधानों का पालन करना होगा. साथ ही कार्यक्रम की क्षमता से ज्यादा पास या टिकट नहीं वितरित की जानी चाहिए.

ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000 की धारा 5(2) के प्रावधानों के अधीन 3 से 11 अक्टूबर तक स्थानीय परिस्थितियों के अधीन माइक और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल रात 12 बजे तक ही किया जा सकेगा.

पुलिस ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि रात 12 बजे के बाद किसी भी जगह पर रास-गरबा या कार्यक्रम में माइक और लाउडस्पीकर चालू रखने की अनुमति नहीं होगी. अगर इस समय सीमा के बाद किसी भी कार्यक्रम में माइक और लाउडस्पीकर चालू पाया जाता है तो संबंधित थाना क्षेत्र पुलिस इंस्पेक्टर के कार्यक्रम के आयोजक एवं साउंड सिस्टम के मालिक के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है.

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