जिंदल कोयला खदान हिंसा
जिंदल कोयला खदान हिंसा: छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार प्रखंड में जिंदल समूह की कोयला खदान को लेकर हुए विरोध और हिंसा ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि इस हिंसा में असली मुद्दों को दबाया जा रहा है और निर्दोष युवकों को फंसाया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार लोग बच निकल रहे हैं।
फर्जी जनसुनवाई से भड़की हिंसा? AAP का आरोप
AAP ने आरोप लगाया कि यह पूरा विवाद एक फर्जी जनसुनवाई से शुरू हुआ, जिसे उद्योगपति नवीन जिंदल के व्यावसायिक हितों को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया।
पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने कहा कि—
- दिसंबर में हुई जनसुनवाई की सूचना
- सिर्फ चार दिन पहले दी गई
- जनसुनवाई में
- जिंदल समर्थक मुट्ठीभर लोग ही शामिल हुए
- स्थानीय ग्रामीणों की
- आपत्तियों और विरोध को नजरअंदाज किया गया
AAP का दावा है कि जब ग्रामीणों ने इस प्रक्रिया का विरोध किया, तो पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की, जिससे 27 दिसंबर को हालात हिंसक हो गए।
पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल
AAP नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि—
- महिला पुलिसकर्मी के साथ हुई घटना निंदनीय है
- लेकिन इसके साथ ही
- आंदोलनकारी महिलाओं के साथ हुई पुलिस कार्रवाई भी अमानवीय थी
प्रियंका शुक्ला के अनुसार ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाए हैं कि—
- उनकी साड़ियां फाड़ी गईं
- उनके साथ बल प्रयोग किया गया
- उन्हें डराने और चुप कराने की कोशिश की गई
AAP ने मांग की है कि इन आरोपों की भी निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत पर सवाल
AAP के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने मामले को और गंभीर बताते हुए कहा कि—
- हिंसा के दौरान
- जिंदल समूह से जुड़े कोयला ट्रक की चपेट में आने से
- एक 70 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हुए
उनकी 4 जनवरी को मौत हो गई, लेकिन इस मामले पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
अभिषेक मिश्रा ने सवाल उठाया—
- इस मौत पर प्रशासन की चुप्पी क्यों?
- क्या यह मामला दबाने की कोशिश हो रही है?
निर्दोष युवकों को फंसाने का आरोप
AAP ने दावा किया कि—
- दो युवक
- चिनैश खमारी
- कीर्ति श्रीवास
को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है, जबकि वास्तविक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं हो रही।
पार्टी का कहना है कि—
- असली मुद्दा:
- जनसहमति के बिना खदान संचालन
- लेकिन ध्यान भटकाया जा रहा है
- चुनिंदा गिरफ्तारियों और आरोपों के जरिए
12 जनवरी को ज्ञापन सौंपेगी AAP
AAP ने घोषणा की है कि—
- 12 जनवरी को
- राज्य प्रशासन को
- इन सभी मुद्दों पर लिखित ज्ञापन सौंपा जाएगा
जिसमें मांग की जाएगी—
- स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक जांच
- निर्दोषों को तुरंत राहत
- दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई