दिल्ली-NCR में शुक्रवार (13 सितंबर) को इतनी बारिश और तेज हवाएं चलीं कि आसमान काफी साफ हो गया. बारिश की वजह से कई इलाकों में एयर क्वालिटी अच्छी दर्ज की गई. यही नहीं ये दिन इस साल की सबसे साफ हवा वाला दिन बन गया. फरीदाबाद में 24 घंटे के औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में काफी सुधार नजर आया. आज गाजियाबाद का AQI 34 और नोएडा का AQI 46 दर्ज किया गया, जो सभी “अच्छे” श्रेणी में आते हैं. दिल्ली की हवा ज्यादा खतरनाक होती है, लेकिन आज दिल्ली का भी AQI 52 दर्ज किया गया, जो “अच्छा” और “संतोषजनक” माना जाता है.
गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) थोड़ा ज़्यादा रहा, लेकिन हाल के दिनों में यह सबसे साफ दिनों में से एक रहा. गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता सूचकांक 69 रहा. अन्य इलाकों में भी एयर क्वालिटी में काफी सुधार देखा गया. बुलंदशहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स 21, मेरठ में 28 और मुजफ्फरनगर में 29 दर्ज किया गया. इन सभी जगहों पर आसमान साफ और स्वच्छ हवा रही. यह महत्वपूर्ण बदलाव डिप्रेशन एक्टिविटी और सक्रिय मॉनसून ट्रफ के कारण हुआ है. क्योंकि बीते 3-4 दिनों में दिल्ली-NCR में पर्याप्त बारिश हुई. भारी बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की हवा की रफ्तार के कारण पॉल्यूशन को सही तरीके से हटा दिया है. जिससे वातावरण स्वच्छ और सांस लेने योग्य बता दिया है. मॉनसून का मौसम अभी भी सक्रिय है, इसलिए आशा कर सकते हैं कि लगातार परेशान करने वाली प्रदूषण संबंधी समस्याओं से और राहत मिलेग
अगर किसी क्षेत्र का AQI जीरो से 50 के बीच है तो AQI ‘अच्छा’ माना जाता है, 51 से 100 AQI होने पर ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’माना जाता है, अगर किसी जगह का AQI 201 से 300 के बीच हो तो उस क्षेत्र का AQI ‘खराब’ माना जाता है. अगर AQI 301 से 400 के बीच हो तो ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच AQI होने पर ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है. वायु प्रदूषण से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं