आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण
रायपुर: आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरटीआई) के अधिकारियों और कर्मचारियों को संग्रहालयों की सुरक्षा और रख-रखाव में दक्षता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और जनजातीय संग्रहालय के संचालन में आपदा प्रबंधन के मामलों को सही तरीके से संभालने की क्षमता विकसित करना था।
टीआरटीआई के अधिकारियों और कर्मचारियों को यह प्रशिक्षण नवा रायपुर के अटल नगर, सेक्टर-24 स्थित संग्रहालय परिसर में दिया गया। इसमें होमगार्ड, सिविल डिफेंस, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एसडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम ने आपदा प्रबंधन की तकनीकी जानकारी और वास्तविक जीवन के अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण के दौरान प्रमुख विषय “आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया” पर ध्यान केंद्रित किया गया, ताकि संग्रहालयों में किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी उपाय किए जा सकें।
प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख गतिविधियां:
- आपदा प्रबंधन विषय पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण: एसडीआरएफ की टीम के सदस्य श्री पुष्पराज सिंह और उनके सहयोगियों श्री दीपक कौशिक और श्री राकेश भोयर ने आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत कदम उठाने की जानकारी दी।
- हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस: प्रशिक्षण के बाद, संस्थान के खुले परिसर में आपदाओं से निपटने के व्यावहारिक पहलुओं का प्रदर्शन किया गया। आग की स्थिति से निपटने और अन्य आपातकालीन बचाव कार्यों का लाइव डेमो दिया गया।
- विद्यार्थियों और आगंतुकों के लिए लाभकारी: संग्रहालयों में भ्रमण करने आए छात्रों और आगंतुकों को भी आपदा प्रबंधन की प्राथमिकताओं और बचाव कार्यों का अनुभव हुआ।
टीआरटीआई के अधिकारियों की प्रतिक्रिया:
टीआरटीआई की संचालक श्रीमती हिना अमिनेष नेताम ने बताया कि यह प्रशिक्षण सभी के लिए बेहद लाभकारी रहा है, क्योंकि इसे कार्यस्थल और पारिवारिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में और भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विशेष रूप से आपातकालीन स्वास्थ्य विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के फायदे:
- संग्रहालयों की सुरक्षा बढ़ेगी: आपदा से निपटने की उचित तैयारी से संग्रहालयों में संग्रहित महत्वपूर्ण वस्तुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया में सुधार: अधिकारियों और कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में तत्काल निर्णय लेने और कार्रवाई करने की क्षमता प्राप्त होगी।
- जन जागरूकता: आगंतुकों को भी यह प्रशिक्षण दिलाने से समुदाय में आपदा से निपटने की जागरूकता बढ़ेगी।
आने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम:
टीआरटीआई ने कहा है कि भविष्य में आपदा प्रबंधन पर और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, विशेषकर स्वास्थ्य संबंधित आपातकालीन परिस्थितियों पर, ताकि संग्रहालयों और अन्य संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारी हर स्थिति के लिए तैयार रहें।