विधिक जागरूकता शिविर
उत्तर बस्तर कांकेर में किशोर न्याय बोर्ड और बालिका गृह का हाल ही में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजीव कुमार टामक द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान एक विधिक जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों को उनके अधिकार, कर्तव्य, और कानूनी संरक्षण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
विधिक जागरूकता शिविर में दी गई जानकारी
शिविर का उद्देश्य बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों से परिचित कराना था। बच्चों को न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया, संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के अधिकार, परामर्श एवं पुनर्वास की व्यवस्था, और बाल संरक्षण तंत्र के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्हें बाल कल्याण समिति की भूमिका, स्वास्थ्य, स्वच्छता, मानसिक विकास, और डिजिटल सुरक्षा के विषय में भी जागरूक किया गया।
शिविर में विशेष रूप से गुड टच बैड टच, चाइल्ड लाइन 1098, शिक्षा का महत्व, और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बच्चों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए गए और आत्मविश्वास एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों के बारे में जानकारी दी गई।
शैक्षणिक और कैरियर विकल्पों की जानकारी
शिविर में बच्चों को 12वीं के बाद के शैक्षणिक और कैरियर विकल्पों के बारे में भी बताया गया। इसके अलावा, उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के विषय में मार्गदर्शन दिया गया और उन्हें नियमित रूप से समाचार पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य अधिकारी और उपस्थित लोग
इस शिविर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शांति प्रभु जैन तथा बालिका गृह के बालक-बालिकाएं और विधिक स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे। न्यायाधीश श्री संजीव कुमार टामक ने बच्चों को यह संदेश दिया कि उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की असुरक्षा महसूस होने पर तुरंत कानूनी सहायता प्राप्त करनी चाहिए।