नेहरू-गांधी परिवार से संसद पहुंचने वाली 16वीं सदस्य बनीं प्रियंका वाद्रा, उनसे पहले कौन-कौन?

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने आज (बृहस्पतिवार, 28 नवंबर) संसद के निचले सदन-लोकसभा की सदस्यता की शपथ ली। हालिया उप चुनावों में वह केरल के वायनाड से लोकसभा की सदस्य निर्वाचित हुई हैं। शपथ के बाद उन्होंने कहा कि जनता के जरूरी मुद्दों को उठाना, देश और पार्टी के लिए काम करना ही उनकी प्राथमिकता रहेगी तथा वह संविधान के उसूलों के लिए लड़ाई लड़ेंगी। प्रियंका ने हिंदी में शपथ ली। इस दौरान उन्होंने संविधान की एक प्रति अपने हाथ में ले रखी थी। जब वह शपथ लेने के लिए खड़ी हुईं तो कांग्रेस सांसदों ने ‘जोड़ो-जोड़ो, भारत जोड़ो’ के नारे लगाए।

प्रियंका वाद्रा नेहरू-गांधी परिवार से संसद पहुंचने वाली 16वीं सदस्य हैं। उनसे पहले उनके भाई राहुल गांधी, पिता राजीव गांधी, माता सोनिया गांधी, दादी इंदिरा गांधी, दादा फिरोज गांधी, चाचा संजय गांधी, चाची मेनका गांधी और परदादा पंडित जवाहर लाल नेहरू समेत परिवार के कई सदस्य संसद के दोनों सदनों के सदस्य रह चुके हैं।

प्रियंका से पहले परिवार के वे सदस्य जो पहुंचे संसद

अब तक नेहरू-गांधी परिवार से जो लोग संसद पहुच चुके हैं, उनमें सबसे पहला नाम देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का है। उनके अलावा उनकी बहन विजय लक्ष्मी पंडित, श्योराजवती नेहरू, उमा नेहरू, फिरोज गांधी, इंदिरा गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी, मेनका गांधी, सोनिया गांधी, आनंद नारायण मुल्ला, शीला कौल, अरुण नेहरू, राहुल गांधी और वरुण गांधी का भी नाम इस लिस्ट में शामिल है। मेनका और वरुण भाजपा के सदस्य हैं।

फिलहाल परिवार से तीन सांसद

यह पहली बार है कि संसद में गांधी-नेहरू परिवार के तीन सदस्य एक ही खेमे में हैं। प्रियंका के भाई राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं तथा उनकी मां सोनिया गांधी राज्यसभा की सदस्य हैं। सोनिया गांधी राजस्थान से राज्यसभा की सदस्य हैं। हालांकि, इस बार उनकी चाची मेनका गांधी और चचेरे भाई वरुण गांधी किसी भी सदन में नहीं हैं। मेनका जहां सुल्तानपुर से चुनाव हार गईं, वहीं वरुण को भाजपा ने टिकट नहीं दिया था। अब राहुल और प्रियंका गांधी एक साथ पार्लियामेंट में दिखाई देंगे। इससे दोनों की ताकत बढ़ गई है।

राहुल ने जताई खुशी

शपथ के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि जनता के जरूरी मुद्दों को उठाना, देश और पार्टी के लिए काम करना ही उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे लिए संविधान से ऊपर कुछ नहीं है। हम संविधान के उसूलों के लिए लड़ते हैं और लड़ते रहेंगे।’’एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि उनके सदन में पहुंचने से राहुल गांधी और कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। राहुल गांधी ने अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बहुत खुशी, बहुत गर्व, वायनाड की नई सांसद, मेरी बहन प्रियंका।’’

राहुल गांधी इस साल हुए लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के रायबरेली और केरल के वायनाड से विजयी हुए थे। उन्होंने वायनाड सीट छोड़ दी जिसके बाद यहां उपचुनाव हुआ। प्रियंका वायनाड लोकसभा उपचुनाव में चार लाख से अधिक मतों के अंतर से जीती हैं। वह पहली बार किसी सदन की सदस्य बनी हैं। वह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सक्रिय राजनीति में उतरी थीं और उसके बाद से पार्टी महासचिव के रूप में जिम्मेदारी निभा रही हैं। (भाषा इनपुट्स के साथ)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *