भाजपा लगातार करप्शन और बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाकर हेमंत सोरेन सरकार पर हमलावर है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को हुसैनाबाद में कहा, ‘अयोध्या में तो राम मंदिर बन गया, बाबर भाग गया। लेकिन हमारे देश में कहीं-कहीं बाबर लोग अभी भी छिपे हुए हैं। ये छिपे हुए बाबर लोगों को भी भगाना है।’
सीएम हिमंता ने आगे कहा, ‘भाई… 35 करोड़ रुपए आलमगीर आलम के घर में बरामद होता है। क्या यहां और कोई नहीं है क्या इतना पैसा कमाने वाला? क्या केवल आलमगीर आलम ही इतना पैसा कमा सकता है? घुसपैठियों का सरकार है, माल तो आलमगीर आलम ही बनाएगा। लेकिन ऐसे अब नहीं चलेगा। यहां (झारखंड में) अगर संपत्ति किसी के घर में जानी चाहिए तो राम भक्त के घर में जानी चाहिए, किसी बाबर भक्त के घर में नहीं।’ गौरतलब है कि कुछ महीनों पहले आलमगीर आलम के निजी सचिव के नौकर के घर से कैश बरामद किए गए थे।
दरअसल, टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा में नाराजगी देखी जा रही है। इसपर सीएम हिमंता ने कहा, ‘देखो भाई… किसी को टिकट मिलेगा, किसी को नहीं मिलेगा। लेकिन हमारा हिंदू सभ्यता रहेगा, झारखंड रहेगा, तभी तो हम रहेंगे। नहीं तो हम कैसे रह पाएंगे। कोई विधायक बने या न बने। लेकिन मेरा झारखंड बने रहना चाहिए। हिंदू सभ्यता बने रहना चाहिए। यह चुनाव किसी को विधायक बनाने के लिए नहीं है। किसी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं है। बल्कि यह चुनाव घुसपैठियों को लात मार-मार कर भगाने का चुनाव है।’
सीएम हिमंता ने कहा, ‘ हेमंत सोरेन को देखो, उन्होंने क्या कहा था? अगर मैं शिबू सोरेन का बेटा हूं तो मैं सीएम बनने के बाद 5 लाख युवाओं को नौकरी दूंगा। किसी को नौकरी मिली क्या? पेपर लीक हुआ की नहीं? मैं हेमंत सोरेन से पूछना चाहता हूं कि अभी बताइए आप शिबू सोरेन के बेटे हैं या नहीं? मैं नहीं बताऊंगा। आप खुद बताइए। अगर मैं बाप के नाम पर कसम खाऊंगा तो मर जाऊंगा लेकिन वो कसम नहीं टूटने दूंगा।’