रेलवे-फोर्स नौकरी घोटाला बेनकाब: 6 राज्यों के 15 शहरों में ED की ताबड़तोड़ रेड, फर्जी नियुक्ति पत्रों से करोड़ों की ठगी

रेलवे नौकरी घोटाला: देशभर में फैले बड़े स्कैम पर ED की बड़ी कार्रवाई

देश में सरकारी नौकरी के नाम पर चल रहे एक बड़े और संगठित फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार सुबह से ही रेलवे-फोर्स नौकरी घोटाले को लेकर देश के 6 राज्यों के 15 शहरों में एकसाथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई उन गिरोहों के खिलाफ की जा रही है, जो लोगों को रेलवे और अन्य सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे।

कैसे काम करता था रेलवे नौकरी घोटाला?

ईडी की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गैंग बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। ठगी का पूरा सिस्टम प्रोफेशनल तरीके से तैयार किया गया था।

घोटाले के प्रमुख तरीके:

  • फर्जी ईमेल आईडी बनाना, जो असली सरकारी ईमेल जैसी दिखती थीं
  • रेलवे, आरपीएफ, टीटीई और टेक्नीशियन जैसे पदों के लिए नकली नियुक्ति पत्र भेजना
  • जॉइनिंग लेटर, कॉल लेटर और ट्रेनिंग से जुड़े फर्जी दस्तावेज देना
  • भरोसा जीतने के लिए कुछ पीड़ितों के खातों में 2-3 महीने की “सैलरी” ट्रांसफर करना
  • बाद में सिक्योरिटी, मेडिकल, ट्रेनिंग या पोस्टिंग के नाम पर मोटी रकम वसूलना

किन-किन विभागों के नाम पर की गई ठगी?

इस रेलवे नौकरी घोटाले की पहुंच सिर्फ रेलवे तक सीमित नहीं थी। गिरोह ने कई बड़े सरकारी संस्थानों के नाम का दुरुपयोग किया।

ठगी में इस्तेमाल किए गए विभागों के नाम:

  • भारतीय रेलवे
  • रेलवे सुरक्षा बल (RPF)
  • डाक विभाग
  • वन विभाग
  • आयकर विभाग
  • हाई कोर्ट
  • लोक निर्माण विभाग (PWD)
  • बिहार सरकार
  • डीडीए
  • राजस्थान सचिवालय

6 राज्यों के 15 शहरों में ED की रेड

ईडी की यह कार्रवाई एक साथ कई राज्यों में की गई, जिससे साफ है कि घोटाले का नेटवर्क कितना बड़ा था।

जहां-जहां छापेमारी जारी है:

  • उत्तर प्रदेश: गोरखपुर (2 स्थान), प्रयागराज (1), लखनऊ (1)
  • बिहार: मुजफ्फरपुर (1), मोतिहारी (2)
  • पश्चिम बंगाल: कोलकाता (2 स्थान)
  • तमिलनाडु: चेन्नई
  • गुजरात: राजकोट
  • केरल: 4 शहरों में छापेमारी

ED को क्या-क्या सबूत मिले?

सूत्रों के मुताबिक, ईडी को छापेमारी के दौरान कई अहम डिजिटल और फाइनेंशियल सबूत मिले हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • फर्जी नियुक्ति पत्र
  • नकली सरकारी ईमेल आईडी
  • बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल्स
  • कई मोबाइल, लैपटॉप और दस्तावेज

आम लोगों के लिए चेतावनी

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगना पूरी तरह अवैध है। कोई भी सरकारी विभाग नौकरी के लिए ईमेल या WhatsApp पर पैसे नहीं मांगता।

सावधान रहने के टिप्स:

  • केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही भर्ती की जानकारी लें
  • किसी भी अनजान कॉल या ईमेल पर भरोसा न करें
  • नियुक्ति पत्र मिलने पर विभाग से सत्यापन जरूर करें

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