बारिश का कहर: छत्तीसगढ़ के 26 जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट, 24 घंटे में इतना बरसा पानी

छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के चलते अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई है। अगले 4 दिन तक बस्तर संभाग के कई हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इधर मौसम विभाग ने प्रदेश के 26 जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटना भी हो सकती है।

यहां के लिए जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

रायपुर, दुर्ग, भिलाई में मध्यम बारिश हुई है। बारिश का मुख्य केंद्र मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिले हो सकते हैं। रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाडा, बस्तर, कोंडागांव, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इन इलाकों के लिए जारी हुआ येलो अलर्ट

वहीं बस्तर, नारायणपुर, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सुरगुजा जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। यहां बारिश के साथ मेघ गर्जन होने आकाशीय बिजली गिरने की घटना हो सकती है। हवा की रफ्तार 30 से 40 KM प्रति घंटे हो सकती है। विभाग ने यह अलर्ट तीन घंटों के लिए जारी किया है।

जांजगीर-चांपा में सबसे ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में जांजगीर-चांपा जिले में सबसे ज्यादा 77.7 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है। वहीं रायगढ़ सक्ती में 53 मिमी, रायगढ़ में 29 मिमी, जशपुर में 18.3 मिमी, सरगुजा में 18.5 मिमी, कोरबा में 20.4 मिमी, बिलासपुर में 23.8 मिमी, मरवाही-गौरेला-पेंड्रा में 26.2 मिमी, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 26 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

कबीरधाम में 25 मिमी, खैरागढ़-गंडई-छुईखदान 17 मिमी, बालोद में 15 मिमी, दुर्ग में 32.4 मिमी, रायपुर में 23.1 मिमी, धमतरी में 29.5 मिमी, गरियाबंद में 45.4 मिमी, अंबागढ़ चौकी-मानपुर-मोहला में 50 मिमी, कांकेर में 42.6 मिमी, कोंडागांव में 60.8 मिमी, धमतरी में 29.5 मिमी, गरियाबंद में 45.4 मिमी, नारायणपुर में 19 मिमी, सुकमा में 18.6 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है।

प्रदेश में इस सिस्टम से हो रही बारिश

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक एक मानसून द्रोणिका मध्य समुद्र तल पर पश्चिमी राजस्थान, चूरु, आर्या नगर, शाहजहांपुर, लखनऊ, पटना, दीघा उसके बाद पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। एक द्रोणिका बिहार के मध्य भाग से ओडिशा तक झारखंड होते हुए 0.9 किलोमीटर से 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।

एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी उड़ीसा तट और आंध्र तट से दूर यमन के पास 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके प्रभाव से प्रदेश में 21 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है।

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