50 लाख के चक्कर में फंसा राजस्थान का आलीशान बीकानेर हाउस, कोर्ट ने कुर्की का दिया आदेश

दिल्ली की एक अदालत ने बीकानेर हाउस को कुर्क करने का आदेश दिया है। दिल्ली में मौजूद इस आलीशान भवन का मालिकाना हक नोखा म्यूनिसिपल काउंसिल के पास है। 50 लाख रुपए के एक विवाद में कोर्ट ने यह आदेश दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब दिल्ली में हिमाचल भवन को भी दिल्ली हाई कोर्ट ने एक मामले में कुर्क करने का आदेश दिया है।

विवाद करीब चार साल पुराना है। एक कंपनी को 50.31 लाख रुपये की मध्यस्थता राशि का भुगतान नहीं करने पर कोर्ट ने सख्ती करते हुए कुर्की का आदेश दिया है। जिला जज विद्या प्रकाश ने यह आदेश जारी करते हुए कहा कि नगर पालिका ने पूर्व में जारी कोर्ट के आदेश के मुताबिक, इनवायरो इन्फ्रा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड को 50,31,512 लाख रुपए का भुगतान नहीं किया।

जिला न्यायाधीश विद्या प्रकाश ने आदेश पारित करते हुए कहा कि नगर पालिका द्वारा इस वर्ष की शुरुआत में दायर की गई अपील खारिज होने के बाद ‘एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के पक्ष में 2020 का मध्यस्थता आदेश अंतिम हो गया है। जज ने 18 सितंबर को पारित आदेश में कहा कि अदालत के निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

जज ने कहा, ‘इस बात पर गौर करते हुए कि बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद देनदार अपनी संपत्ति का हलफनामा पेश करने के निर्देश का पालन करने में विफल रहा है, अदालत ने डिक्री धारक (डीएच) की ओर से पेश किए गए तर्कों से सहमति जताते हुए पाया कि देनदार की अचल संपत्ति अर्थात बीकानेर हाउस के खिलाफ कुर्की वारंट जारी करने का यह एक उपयुक्त मामला है।’ अदालत ने 21 जनवरी 2020 को मध्यस्थता अधिकरण द्वारा पारित आदेश को लागू करने का अनुरोध वाली एक अर्जी पर यह व्यवस्था दी।

कोर्ट ने नगरपालिका नोखा को इस संपत्ति की बिक्री, उपहार या अन्य किसी रूप में किसी और को ट्रांसफर करने से रोक दिया है। अदालत ने नोखा नगर पालिका के प्रतिनिधि को अगली सुनवाई पर पेश होने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी। फिलहाल बीकानेर हाउस पर आदेश को चस्पा कर दिया गया है।

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