वाराणसी के सामूहिक हत्याकांड में मारी गईं नीतू मिश्रा, राजेंद्र गुप्ता की दूसरी पत्नी थीं। राजेन्द्र ने नीतू से प्रेम विवाह किया था। राजेंद्र की पहली पत्नी आसनसोल (प. बंगाल) में एक बेटे के साथ रहती है। घटना के बाद मौके पर नीतू मिश्रा के रिश्तेदार पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि पहली पत्नी के आसनसोल चले जाने के बाद राजेंद्र और नीतू में नजदीकी बढ़ी थी। नीतू के परिवारवालों ने बताया कि दोनों के रिश्ते के बारे में पता चलने पर इसका विरोध हुआ था। जब दोनों ने शादी कर ली, तब हम मकान बेचकर दूसरी जगह चले गये। नीतू से रिश्ता तोड़ लिया था। नीतू के घर काम करने वाली नौकरानियों ने भी बताया कि वह कभी मायके नहीं जाती थीं।
भदैनी की नीतू गुप्ता की बेस्ट फ्रेंड दीपावली पर कोलकाता से विजयानगरम (भेलूपुर) स्थित मायके आई थी। लौटने से पहले मंगलवार को सहेली से मिलने का मन बनाया था। नीतू की हत्या की खबर सुन उसके घर पहुंची और रुधे गले से कहा-बरसों बाद ऐसे मिलेंगे, सपने में भी सोचा न था।
महिला ने बताया कि स्कूल की बेस्ट फ्रेंड नीतू से शादी के बाद मुलाकात नहीं हुई थी। अन्य सहेलियों से फोन पर उसका हालचाल मिल जाता था। इस बार नीतू से मिलने का मन बनाया था। सुबह उसका मोबाइल घनघनाने लगा। देखा तो उसकी एक अन्य सहेली का फोन था। कॉल रिसीव करते ही, दूसरी तरफ से आवाज आई ‘तुम कहां हो जल्दी नीतू के घर पहुंचों, उसकी हत्या हो गई है।’चंद मिनटों में ही वह नीतू के घर थी। खबर देने वाली दोस्त पहले से मौजूद थी। एक अन्य महिला दोस्त ने बताया कि वह नीतू के साथ 10वीं तक पढ़ी थीं। वह महिला दोस्त भी बाहर रहती थी। एक साल से इसी मोहल्ले में वापस रहने के लिए आईं तो नीतू से नजदीकी बन गई थी। इन दोस्तों के बयान भी पुलिस ने दर्ज किये।
कोलकाता से आई महिला ने बताया कि दो साल पहले आखिरी बार नीतू से उसकी बात हुई थी। उसने पारिवारिक माहौल की चर्चा की थी। बातों ही बातों में उसने कहा था कि ‘बस किसी तरह मैनेज कर रही हूं’। इसके बाद उससे बात नहीं हुई। बताया कि नीतू काफी मिलनसार थी।
राजेंद्र के घर में तीन नौकरानियां काम करती थीं। जिया बर्तन धोती थी, जिया की मां रीता कमरों में साफ-सफाई करती थी। जबकि नीतू खाना बनाती थी। जिया ने बताया कि वह मंगलवार सुबह 10.30 बजे आई और बर्तन धोकर बाहर गलियारे में सफाई कर चली गई।
दिन में 11 बजे उसकी मां रीता पहुंची और उसने पहले तल पर मालकिन नीतू का कमरा खोला। कमरा खोलते सन्न रह गई। सामने फर्श पर खून से लथपथ लाश पड़ी थी। जब वह ऊपर पहुंचकर बच्चों को बताने के लिए गई तो वहां भी सभी की लाश देखकर चीखते हुए गिर पड़ी। थोड़ी देर में तीसरी नौकरानी भी खाना बनाने पहुंची थी। भेलूपुर पुलिस ने तीनों नौकरानियों का बयान भी दर्ज किया। तीनों ने बताया कि पति-पत्नी और बच्चों के बीच आपस में कभी विवाद होते नहीं देखा था।
खाना बनाने वाली नीतू ने बताया कि सोमवार शाम का खाना बनाने आई थी। सब्जी रोटी बनाई थी। तब घर में सबकुछ सामान्य था। चूंकि रोज वह 7.30 बजे तक खाना बनाकर निकलती थी। सोमवार को उसे कहीं जाना था, इसलिए एक घंटे पहले खाना बनाकर निकल गई थी। बाकी भी शाम में निकल गईं थीं। उस समय तक सब सामान्य था।