राजिम कुंभ कल्प 2026
Rajim Kumbh Kalp के भव्य समापन अवसर पर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने धर्म नगरी राजिम पहुंचकर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की समृद्धि की कामना की। यह आयोजन आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत संगम बनकर उभरा।
राजिम की पावन भूमि, जहां Mahanadi River, Pairi River और Sondur River का त्रिवेणी संगम होता है, सदियों से श्रद्धा और साधना का केंद्र रही है।
राजीव लोचन मंदिर में विशेष पूजा
समापन समारोह से पहले मुख्यमंत्री ने प्राचीन एवं ऐतिहासिक Rajiv Lochan Temple पहुंचकर भगवान श्री राजीव लोचन के श्रीचरणों में नमन किया।
उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए:
- सुख और समृद्धि
- उत्तम स्वास्थ्य
- शांति और खुशहाली
- निरंतर विकास
की मंगलकामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन तीर्थ हमारी सनातन आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है।
कुलेश्वरनाथ महादेव में जलाभिषेक
इसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेणी संगम के मध्य स्थित Kuleshwar Mahadev Temple पहुंचे।
यहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर प्रदेश की शांति, उन्नति और समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा।
उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि:
- आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र
- सांस्कृतिक एकता का प्रतीक
- लोक परंपराओं का विराट उत्सव
- समाज को जोड़ने वाला मंच
है।
महानदी तट पर भव्य महाआरती
मंदिर दर्शन के पश्चात मुख्यमंत्री महानदी तट पर आयोजित भव्य महाआरती में शामिल हुए।
- वैदिक मंत्रोच्चार
- शंखध्वनि
- दीपों की जगमगाहट
- श्रद्धालुओं की आस्था
ने पूरे संगम क्षेत्र को दिव्य आभा से भर दिया।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक महानदी मैया की आरती उतारी और प्रदेश की उन्नति के लिए प्रार्थना की।
सामाजिक समरसता का संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प हमारी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। यह आयोजन समाज में विश्वास, सद्भाव और समरसता को मजबूत करता है।
इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री Dayal Das Baghel, पर्यटन मंत्री Rajesh Agrawal सहित अनेक जनप्रतिनिधि, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
क्यों खास रहा यह आयोजन?
- ऐतिहासिक मंदिरों में मुख्यमंत्री की पूजा-अर्चना
- त्रिवेणी संगम पर आध्यात्मिक अनुष्ठान
- भव्य महाआरती का दिव्य दृश्य
- सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान का संदेश
राजिम कुंभ कल्प 2026 का यह समापन समारोह केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और विकास की नई दिशा का संकेत भी है। यह आयोजन आने वाले समय में और अधिक भव्य स्वरूप लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएगा।