छत्तीसगढ़ रेल परियोजनाएं
राजीव शुक्ला ने राज्यसभा में उठाया छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाओं में देरी का गंभीर मुद्दा
नई दिल्ली: राजीव शुक्ला, जो कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद और पत्रकार भी हैं, ने हाल ही में राज्यसभा में छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाओं में हो रही भारी देरी को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि ये परियोजनाएं वर्षों से फाइलों में उलझकर रह गई हैं, जबकि इन्हें पटरी पर उतारने की ज़रूरत है। शुक्ला ने सरकार से अनुरोध किया कि वह इन परियोजनाओं का निरीक्षण करके जल्द से जल्द काम शुरू करने की दिशा में कदम उठाए।
सांसद ने क्यों उठाया यह मुद्दा?
राजीव शुक्ला ने दल्ली-राजहरा से रावघाट और जगदलपुर तक की रेल परियोजना को बस्तर क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि यह परियोजना बस्तर क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए एक जरूरी कदम है, लेकिन इसकी धीमी प्रगति से लोगों की उम्मीदें टूटी हुई हैं।
इसके अलावा, खरसिया से धर्मजयगढ़ और गेवरारोड से पेंड्रारोड तक की नई रेल लाइनों की घोषणा भी की गई थी, लेकिन शुक्ला के अनुसार, इन परियोजनाओं पर कोई ठोस काम नहीं हो पाया है। उन्होंने राज्यसभा में यह बात उठाते हुए कहा कि इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार करने के लिए ये परियोजनाएं अत्यंत आवश्यक हैं, लेकिन इन्हें फाइलों में ही दफन कर दिया गया है।
सारंगढ़-रायपुर-झारसुगुड़ा परियोजना का लंबा इंतजार
शुक्ला ने सारंगढ़-रायपुर-झारसुगुड़ा रेल लाइन परियोजना का उदाहरण भी दिया। यह परियोजना 2010 में सर्वे की गई थी और प्रस्तावित रेल लाइन की लंबाई 310 किलोमीटर थी, जबकि इसके निर्माण पर अनुमानित खर्च 161 करोड़ रुपए था। शुक्ला ने कहा कि हालांकि इसे लगभग 15 साल पहले मंजूरी मिल गई थी, लेकिन आज तक यह परियोजना फाइलों से बाहर नहीं आ पाई है।
मांग की जल्द शुरुआत की
राजीव शुक्ला ने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि यह केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि यह दो राज्यों के बीच आर्थिक कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनका मानना था कि इस परियोजना के पूरा होने से छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे, जिससे दोनों राज्यों को लाभ होगा। शुक्ला ने यह भी कहा कि जैसे केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सभी राज्यों के लिए निष्पक्षता से काम करते हैं, उसी तरह सभी मंत्रियों को भी विकास के लिए पक्ष और विपक्ष से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
सरकार पर दबाव बढ़ता है
राजीव शुक्ला का यह बयान उस समय आया है जब देश भर में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी की परियोजनाओं की रफ्तार को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। शुक्ला की आवाज ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है कि वह इन परियोजनाओं को शीघ्रता से मंजूरी दे और कार्यान्वयन की प्रक्रिया को तेज़ करे।