दुष्कर्म
बिलासपुर में भाजपा की एक महिला पार्षद के पति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। 32 वर्षीय महिला ने सकरी थाना क्षेत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। लेकिन मामला दर्ज होने के 15 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
पीड़िता ने आरोपी पर केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार:
- पीड़िता 32 वर्ष की विवाहित महिला है।
- घटना उस समय की बताई गई है जब उसका पति घर से बाहर था।
- आरोपी उसलापुर क्षेत्र की भाजपा पार्षद का पति रिंकू टंडन है।
- महिला का आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
पति के लौटने पर महिला ने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों सकरी थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
15 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
- पुलिस की निष्क्रियता पर आरोप
- आरोपी को राजनीतिक संरक्षण मिलने की चर्चा
- पीड़िता की सुरक्षा को लेकर चिंता
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भी इस बात को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़िता का कहना है कि:
- आरोपी द्वारा केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
- धमकी दी जा रही है।
- सत्ता का संरक्षण आरोपी को मिल रहा है।
महिला ने निष्पक्ष जांच और जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
कानून क्या कहता है?
दुष्कर्म जैसे मामलों में:
- पुलिस को त्वरित कार्रवाई करनी होती है।
- पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
- मेडिकल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ती है।
ऐसे मामलों में देरी से जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
बड़ा सवाल
यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और राजनीतिक प्रभाव की परीक्षा बन गया है।
- क्या पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी?
- क्या आरोपी की जल्द गिरफ्तारी होगी?
- क्या पीड़िता को न्याय मिल पाएगा?
फिलहाल जांच जारी है, लेकिन गिरफ्तारी में हो रही देरी ने पूरे मामले को संवेदनशील बना दिया है।
बिलासपुर का यह मामला अब आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है, जहां सभी की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।