छत्तीसगढ़ में एटीएम से मिलेगा राशन! रायपुर में लगेगा प्रदेश का पहला ‘ग्रेन एटीएम’

ग्रेन एटीएम


छत्तीसगढ़ में एटीएम से राशन! रायपुर में जल्द शुरू होगा ‘ग्रेन एटीएम’ पायलट प्रोजेक्ट
रायपुर: छत्तीसगढ़ में अब राशन वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होने जा रही है। बैंक एटीएम की तर्ज पर अब ‘ग्रेन एटीएम’ के जरिये राशनकार्डधारियों को अनाज मिलेगा। यह कदम खाद्य वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेश का पहला ‘ग्रेन एटीएम’ राजधानी रायपुर के शास्त्री मार्केट क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।

1. क्या है ‘ग्रेन एटीएम’ और कैसे करेगा काम?

ग्रेन एटीएम एक स्वचालित मशीन है जो राशन कार्डधारियों को सीधे उनकी निर्धारित मात्रा में अनाज प्रदान करेगी। इसे इस्तेमाल करने के लिए लाभार्थी को मशीन में अपना राशन कार्ड नंबर दर्ज करना होगा या बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। इसके बाद निर्धारित मात्रा में गेहूं या चावल मशीन से बाहर निकल आएगा।

  • सत्यापन: राशन कार्ड नंबर या बायोमेट्रिक डेटा
  • प्राप्त सामग्री: चावल, गेहूं (तय मात्रा में)
  • समय: 30 सेकंड में पूरा वितरण

2. पारदर्शिता और लाभ

ग्रेन एटीएम का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण में पारदर्शिता लाना है। इससे तौल में गड़बड़ी या हेराफेरी की संभावना समाप्त हो जाएगी। साथ ही, राशन कार्डधारियों को किसी दुकान पर समय के हिसाब से निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इस प्रणाली से वितरण प्रक्रिया में तेजी आएगी और लोगों को लंबी कतारों में खड़े रहने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

  • पारदर्शिता: तौल में कोई गड़बड़ी नहीं
  • समय की सुविधा: 24 घंटे उपलब्धता
  • सुविधा: शहरी क्षेत्रों के मजदूरों के लिए आदर्श

3. पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत रायपुर से

यह पायलट प्रोजेक्ट रायपुर के शास्त्री बाजार में शुरू होने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इसे मंजूरी दे चुकी है और जल्द ही इसकी शुरुआत की जाएगी। इसके बाद, इस योजना को अन्य जिलों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

  • स्थान: शास्त्री बाजार, रायपुर
  • चरणबद्ध विस्तार: पहले रायपुर, फिर अन्य जिलों में

4. ग्रेन एटीएम से क्या मिलेगा लाभ?

  • मजदूरों को सुविधा: 24 घंटे खुला होने से श्रमिक वर्ग को उनके काम के समय के हिसाब से राशन मिल सकेगा।
  • कृषि उत्पादकों के लिए: फसल उत्पादन में पारदर्शिता और बेहतर वितरण सुनिश्चित होगा।
  • भ्रष्टाचार में कमी: राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ी पर काबू पाया जा सकेगा।

5. अन्य राज्य जहां सफल हुआ है ग्रेन एटीएम

ग्रेन एटीएम की प्रणाली पहले बिहार, ओडिशा, हरियाणा और राजस्थान में सफलतापूर्वक लागू की जा चुकी है। इन राज्यों में इससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और उपभोक्ताओं को त्वरित सेवा मिल रही है। छत्तीसगढ़ में भी अब इसे लागू करने की उम्मीद है, जिससे राज्य की खाद्य वितरण प्रणाली में बड़े बदलाव की संभावना है।

  • अन्य राज्य: बिहार, ओडिशा, हरियाणा, राजस्थान
  • सफलता: इन राज्यों में पारदर्शिता और त्वरित सेवा

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