पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में ₹10 प्रति लीटर की कटौती, क्या अब सस्ते होंगे ईंधन?

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नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर की भारी कटौती, जानें इसके प्रभाव

सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में ₹10 प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की है। यह फैसला वैश्विक ऊर्जा संकट और युद्ध की स्थिति के बीच लिया गया है, जिससे ईंधन की कीमतों पर असर पड़ा था। इस निर्णय के बाद, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹3 प्रति लीटर और डीजल पर शून्य कर दी गई है।

क्या है ये कटौती?

  • पेट्रोल: पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क ₹10 प्रति लीटर घटाकर ₹3 प्रति लीटर किया गया है।
  • डीजल: डीजल पर उत्पाद शुल्क को पूरी तरह से शून्य कर दिया गया है।
  • क्यों जरूरी था ये कदम: वैश्विक ऊर्जा संकट, खासकर अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही थी, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ गई थीं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अड़चन:

  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का महत्व: यह जलमार्ग दुनिया के कुल कच्चे तेल और गैस सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा सप्लाई करता है। युद्ध के कारण यहां कच्चे तेल की आपूर्ति में रुकावट आई है, जो भारत जैसे देशों के लिए चिंता का कारण है।
  • भारत पर प्रभाव: भारत अपनी कुल तेल जरूरत का करीब 12-15% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आयात करता है। इस मार्ग के बंद होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति में गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है।

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का बयान:

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस फैसले को आम नागरिकों के लिए एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें पिछले एक महीने में लगभग 70 डॉलर/बैरल से बढ़कर 122 डॉलर/बैरल हो गई हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने यह कदम नहीं उठाया होता तो भारतीय नागरिकों को कीमतों में भारी वृद्धि का सामना करना पड़ता।

  • दो विकल्प: पुरी ने कहा कि मोदी सरकार के पास दो विकल्प थे—1) अन्य देशों की तरह पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि करना या 2) भारतीय नागरिकों को राहत देने के लिए सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति पर असर डालकर इन कीमतों को नियंत्रित करना। सरकार ने दूसरा विकल्प चुना, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से बचीं।

पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क की कटौती का असर:

  1. ईंधन की कीमतें कम होना: उत्पाद शुल्क में कमी से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत मिलेगी, जिससे आम नागरिकों को फायदा होगा।
  2. महंगाई में कमी: पेट्रोल और डीजल के दाम घटने से परिवहन लागत भी घटेगी, जिससे महंगाई पर भी नियंत्रण रहेगा।
  3. सरकारी खजाने पर असर: सरकार को उत्पाद शुल्क से मिलने वाला राजस्व घटेगा, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने इस कटौती को आम जनता की सुरक्षा और राहत के लिए जरूरी कदम माना है।

उत्पाद शुल्क में कटौती का आर्थिक प्रभाव:

कारकशुल्क बढ़ने परशुल्क घटने पर
ईंधन की कीमतबढ़ती हैघटती है
महंगाईबढ़ती हैकम होने की संभावना
सरकारी खजानाबढ़ता हैघटता है
जनता की बचतकम होती हैबढ़ती है

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