आधी रात को पीएम मोदी की बैठक के बाद पेट्रोल पर 10 रुपये की राहत, जानिए इस फैसले की इनसाइड स्टोरी!

Focus Keyword: पीएम मोदी पेट्रोल शुल्क कटौती


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भारत सरकार ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भारी कटौती की घोषणा की है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलने के आसार हैं। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर यह शुल्क शून्य कर दिया गया है। यह कदम विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष और वैश्विक तेल संकट के बीच उठाया गया है।

आधी रात को हुई बैठक और 10 रुपये की राहत

इस फैसले से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक आपातकाल बैठक बुलाई गई थी, जिसमें इस संकट के समाधान पर विचार किया गया। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के असर को लेकर अधिकारियों से चर्चा की और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इसका बोझ आम जनता पर न पड़े। बैठक के बाद ही वित्त मंत्रालय ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की राहत देने का ऐलान किया।

वित्त मंत्री की घोषणा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ट्वीट के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर घरेलू इस्तेमाल वाले पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इससे ग्राहकों को मूल्य वृद्धि से सुरक्षा मिलेगी।” उन्होंने यह भी बताया कि संसद को इस निर्णय की जानकारी दे दी गई है।

कंपनियों को मिलेगा फायदा

हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल पंप पर तेल की कीमतों में बहुत ज्यादा राहत देखने की संभावना कम है, क्योंकि यह लाभ तेल कंपनियों को मिलेगा। इसका कारण यह है कि वर्तमान में तेल कंपनियां घाटे में चल रही हैं, और सरकार ने केवल विशेष अतिरिक्त शुल्क में कटौती की है।

ईरान संकट और तेल कीमतों पर असर

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से वैश्विक तेल कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत का उछाल देखा गया था, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम स्थिर बने हुए थे। यह दबाव तेल कंपनियों पर था, क्योंकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी हुई कीमतों को संतुलित करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था।

विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस कटौती से आम लोगों को वास्तविक राहत नहीं मिली है। कांग्रेस के मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा, “अगर आपने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट की सुर्खियां देखीं और सोचा कि सरकार ने आपकी जेब को राहत दी है, तो आप गलत हैं। सरकार ने सिर्फ एक छोटा सा बोझ तेल कंपनियों के साथ साझा किया है, लेकिन उपभोक्ताओं को कोई खास फायदा नहीं होगा।”

विपक्ष का आरोप

कांग्रेस ने यह भी कहा कि सरकार ने सुर्खियां बटोरने के लिए इस कदम का ऐलान किया, लेकिन वास्तविकता में उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिली है। पवन खेड़ा ने कहा, “विपक्ष की बातों को नजरअंदाज किया जा सकता है, लेकिन यह कटौती काफी देर से की गई है, और इसका असर सीधे तौर पर आम जनता पर नहीं पड़ने वाला है।”

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