शेख हसीना की सत्ता जाने से पहले बांग्लादेश से रोजाना 1200 से 1400 लोग भारत घूमने आते थे लेकिन इन दिनों वहां से सिर्फ ट्रक आ रहे हैं। सीमा के इस पार से लोगों ने दूसरी ओर जलते हुए मकान देखे हैं। भारतीय सुरक्षा बलों को सूचना भी दी। मोबाइल, इंटरनेट के जरिए भी सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं। जो आ भी रही हैं वह काफी पहले की हैं।
भारत-बांग्लादेश के बीच नो मेन्स लैंड से ठीक पहले इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट यानि आईसीपी है। यह लैंडपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया का हिस्सा है। यह एजेंसी सीमा पार करने वालों की कस्टम और इमीग्रेशन जांच का काम करती है। आईसीपी के बाद बीएसएफ का चेकपोस्ट है। यहां से आगे दो किलोमीटर तक सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों ट्रक जस के तस खड़े हैं। लोगों ने बताया कि सिर्फ बांग्लादेश की ओर से वहां की बड़ी परियोजनाओं और इमरजेंसी दवाओं के कारोबार वाले ट्रक आ रहे हैं। भारत की ओर से कोई भी उस ओर नहीं जा पा रहा है। एक सुरक्षाकर्मी ने बताया कि असम और पश्चिम बंगाल से सटी सीमाओं पर दो दर्जन से अधिक पोस्ट हैं। पांच अगस्त से यहां भी आवाजाही बिल्कुल बंद है। सीमा के उस पार से अच्छी खबरें नहीं आ रही हैं। लोगों पर हमले हो रहे हैं। सीमा से सटे इलाकों में जलते हुए मकान देखे गए हैं। अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं लेकिन कोई भी सूचना नहीं आ रही है।
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से बांग्लादेश के रास्ते का एक हिस्सा ‘चिकन नेक’ कहा जाता है। वहां के हालात के बारे में जानने के लिए आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने मौके पर पड़ताल की। करीब एक घंटे तक बांग्लादेश की ओर से आने वाले वाहनों में सिर्फ ट्रक दिखे। इन पर बीपी सीरीज की नम्बर प्लेट थी। यानी ये सभी ट्रक वहां से भूटान जा रहे थे। दूसरी ओर भारतीय सीमा में दो किलोमीटर तक सैकड़ों ट्रक खड़े दिखे जो बांग्लादेश में तख्ता पलट होने के बाद से यहीं पर रुक गए, आगे नहीं बढ़े। इन ट्रकों को वहां प्रवेश भी नहीं मिल रहा है।
बीएसएफ की पोस्ट से चंद कदम दूर तक अपने देश के हिस्से में जरूरी सामान की कई दुकाने हैं। दुकानदार रोजाना सुबह से शाम तक अपने उन पड़ोसी मित्रों की बाट जोह रहे हैं जो उनसे अक्सर मिला करते थे। फोरेक्स एक्सचेंज के गप्पी के अनुसार पहले 1200 से अधिक लोग उस तरफ से रोजाना अपने देश आते रहते थे। अब इनकी संख्या गिनी चुनी है। खुलना, राजशाही, ठाकुरगांव समेत आधा दर्जन से अधिक शहर, नगरीय क्षेत्र इस हिस्से में आते हैं।
होटल चलाने वाले शाहरुख के अनुसार भारत के कई शहर बांग्लादेश के मेडिकल छात्र, डॉक्टरों, कारोबारियों के बेहद प्रिय हैं। इनमें दार्जलिंग, सिलचर, चेरापूंजी, सिलीगुड़ी समेत पश्चिम बंगाल और आसाम के कई पर्यटन केन्द्र हैं। इसके अलावा कई ऐसे भी पर्यटक हैं जो अपनी गाड़ी से चेन्नई, राजस्थान घूमने जाया करते थे। एक अन्य दुकानदार हुसैन के अनुसार जब से तख्ता पलट हुआ है किसी का हाल नहीं मिल रहा है।