नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को दिल्ली राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीएसडीएमए) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दिल्ली में आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसमें विशेष ध्यान बाढ़ नियंत्रण योजना पर दिया गया।
21,000 करोड़ रुपये की शहरी बाढ़ नियंत्रण योजना
बैठक में दिल्ली शहरी बाढ़ नियंत्रण योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई, जिसके लिए 21,000 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य दिल्ली में मानसून के दौरान होने वाली शहरी बाढ़ की समस्या को नियंत्रित करना है।
इस योजना में शामिल प्रमुख उपाय:
- ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना।
- बड़े नालों की सफाई (डीसिल्टिंग)।
- अतिरिक्त स्टॉर्म वॉटर चैनल का निर्माण।
- रियल-टाइम फ्लड मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करना।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को समय पर लागू करने पर विशेष जोर दिया, ताकि आने वाले मानसून के मौसम में बाढ़ के खतरे को कम किया जा सके।
ऊर्जा संकट और दिल्ली की तैयारियां
बैठक में ऊर्जा संकट पर भी महत्वपूर्ण चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिल्ली में ऊर्जा के संतुलित उपयोग को सुनिश्चित किया जाए, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाए, और ब्लैक मार्केटिंग तथा जमाखोरी पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इसके अलावा, महत्वपूर्ण संस्थानों को संकट के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
विशेष रूप से, खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में ऊर्जा मांग और आपूर्ति की स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया।
इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर और इंटीग्रेटेड कमांड ऐंड कंट्रोल सेंटर
दिल्ली में अत्याधुनिक इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (ईओसी) और इंटीग्रेटेड कमांड ऐंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया। ये केंद्र आपदा प्रबंधन के लिए प्रमुख नियंत्रण केंद्र के रूप में काम करेंगे। इन केंद्रों में रियल-टाइम समन्वय, एआई और सैटेलाइट डेटा का उपयोग किया जाएगा, जिससे पूर्वानुमान (प्रीडिक्टिव एनालिटिक्स) और त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता में सुधार होगा। यह प्रणाली बाढ़, भूकंप, आग और रासायनिक आपदाओं समेत सभी प्रकार की आपात स्थितियों में उपयोग की जाएगी।
समय पर कार्यान्वयन की दिशा में सख्त निर्देश
उपराज्यपाल ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं के कार्यान्वयन में कोई देरी न हो और समय पर इन योजनाओं को पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने भी यह स्पष्ट किया कि दिल्ली को आपदा के प्रति अधिक सक्षम और सुरक्षित बनाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 10 सूत्रीय एजेंडे को आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाने की बात कही।