सीएम आवास के पास बवाल, JDU कार्यकर्ता हिलसा विधायक की कार पर टूटे; वापस लौटे प्रेम मुखिया

होली का रंग उतरा नहीं और बिहार की सियासत का नया रंग सामने आ गया। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा से पटना का पॉलिटिकल पारा हाई हो गया। सीएम आवास एक अणे मार्ग के बाहर बवाल की स्थिति उत्पन्न होने के बाद पटना पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। नाराज जदयू कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास पहुंचे हिलसा(नालंदा) विधायक प्रेम मुखिया की गाड़ी को घेर लिया। नीतीश कुमार को बिहार में रोकने के लिए प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित कार्यकर्ता विधायक की गाड़ी को हथेली से पीटने लगे। विधायक को अपनी गाड़ी पीछे करना पड़ा। इस बीच पटना एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सीएम आवास पहुंचे हैं। एक अणे मार्ग पर पुलिस बलों की तैनाती बढ़ा दी गयी है। सिटी एसपी अवधेश मिश्रा कमान संभाल रहे हैं। सीएम आवास की ओर जाने वाली सड़कों पर आम आवागमन पर रोक लगा दी गयी है।

इससे पहले विधायक कृष्ण मुरारी(प्रेम मुखिया) ने बताया कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर सुनने पर बड़ी हैरानी हुई। उनसे मिलने आया। उन्होंने कहा कि हम लोग चाहते हैं कि वे बिहार में ही रहें। उनसे बात होगी तो आग्रह करेंगे। मीडिया कर्मियों से विदा लेकर विधायक जैसे ही आगे बढ़े कि प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। कार्यकर्ता गाड़ी पर थप्पड़ मारने लगे तो ड्राइवर ने गाड़ी बैक किया और तेजी से गाड़ी भागकर विधायक वापस लौट गए। जो भी नेता वहां आ रहे हैं उन्हें कार्यकर्ता घेर ले रहे हैं। आक्रोशित लोगों ने एमएलसी संजय गांधी को भी रोक लिया और उनकी गाड़ी पर थप्पड़ मारा। एक मंत्री की गाड़ी को भी खदेड़ दिया।

आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कहा कि पूरे बिहार के साथ धोखा किया जा रहा है। हम लोग नीतीश कुमार को राज्य सभा के लिए नामांकन नहीं करने देंगे। कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे हैं और पुलिस उन्हें शांत करवा रही है। मौके पर मोर्चा थामे सिटी एसपी अवधेश कुमार दीक्षित ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। लोगों को समझाया जा रहा है। पुलिस बलों की संख्या मौके पर बढ़ा दी गयी है। सुरक्षा कारणों से सीएम आवास की ओर आने वाली सभी सड़कों पर बैरिकेडिंग करके आवागमन पर रोक लगा दी गयी है। एक अणे मार्ग के बाहर अराजक स्थिति बनी हुई है।

इस बीच खबर मिल रही है कि जदयू के वरीय नेताओं के खिलाफ भी नारेबाजी चल रही है। कार्यकर्ता ललन सिंह, संजय झा और विजय चौधरी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। श्याम रजक ने भी कहा है कि यह निर्णय बिहार के लिए दुखदायी है।

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