मध्य पूर्व में तनाव के बीच रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन सोमवार को ईरानी राष्ट्रपति मासूद पेजेश्कियन से मुलाकात के लिए तेहरान पहुंचे हैं. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब इजरायल ने एक मिसाइल हमले में हिज्बुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह को मार गिराया है.
हालांकि, रूस की तरफ से कहा जा रहा है कि यह दौरा 22-24 अक्टूबर के ब्रिक्स समिट के संबंध में है, जहां पेजेश्कियन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अहम बैठक की संभावना है. यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि पश्चिमी देश लगातार ईरान पर रूस को बैलिस्टिक मिसाइल मुहैया कराने के आरोप लगा रहे हैं.
साथ ही, रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान पर रूस और यमन के हूती मिलिशिया के बीच एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों की सप्लाई पर मध्यस्थता करने के भी आरोप लग रहे हैं. रूस ने शनिवार को हिज्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह की किलिंग के लिए इजरायल की आलोचना की थी. रूस ने लेबनान में तुरंत युद्ध विराम लागू करने की अपील की थी. रूस ने साथ ही तंज भरे लहजे में कहा था कि यह अमेरिका को क्षेत्रीय युद्ध में घसीटने की कोशिश है.
नसरल्लाह तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान समर्थित हिजबुल्लाह का नेतृत्व कर रहे थे. वह इजरायल द्वारा शुक्रवार देर रात बेरूत के दक्षिणी इलाके में संगठन के हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर की गई बमबारी में मारे गए. बताया गया कि हिज्बुल्लाह के हेडक्वार्टर पर दर्जनों टन विस्फोटक से अटैक किया गया. इसमें संगठन के कई अन्य प्रमुख लीडर भी मारे गए.
रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस हत्या के क्षेत्र में “दुखद” परिणामों के लिए इजरायल को “पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी.” रूस ने सख्त लहजे में कहा था, “हम इजरायल द्वारा की गई पॉलिटिकल किलिंग की निर्णायक रूप से निंदा करते हैं… हम एक बार फिर इजरायल से अपील करते हैं कि वह तुरंत सैन्य कार्रवाई बंद करे.”