गुफा में मिली रूसी महिला की पार्टनर ने बढ़ा दी टेंशन, वापसी में तगड़े खर्च के भी आसार

कर्नाटक के गोकर्ण स्थित गुफा में मिली रूसी महिला के मामले की जांच जारी है। खास बात है कि वह बिजनेस वीजा के जरिए भारत में दाखिल हुई थीं, जो साल 2017 में ही एक्सपायर हो गया है। अब सवाल है कि वह आगे क्या करेंगी। खबरें हैं कि सरकार उन्हें डिपोर्ट करने की तैयारी कर सकती है। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। इसी बीच उनके पार्टनर की एंट्री ने मामले को और जटिल बना दिया है। वह बच्चियों की साझा कस्टडी चाहते हैं।

40 वर्षीय नीना कुटीना 6 और 8 साल की दो बेटियों का साथ गुफा में मिली थीं। पीटीआई भाषा के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि ह हिंदू धर्म तथा भारत की आध्यात्मिक परंपराओं से बहुत ज्यादा प्रभावित हुई, इसलिए वह गोवा के रास्ते गोकर्ण पहुंची थी। प्रेया और एमा नाम की दो बेटियों के साथ नीना लगभग दो सप्ताह से जंगल के बीच पूरी तरह से एकांत में रह रहे थे। उन्होंने बताया कि इस छोटे से परिवार ने घने जंगल और खड़ी ढलानों से घिरी एक गुफा के अंदर घर बना लिया था।

अब आगे क्या

नीना को बेटियों के साथ FRRO यानी फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस लाया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को गुफा के पास ही उनका पासपोर्ट मिला था और उन्हें रूस डिपोर्ट करने की तैयारी चल रही है। अब उनकी दो बेटियों को लेकर अनिश्चितताओं का दौर शुरू हो गया है। दरअसल, उनके पिता ने बच्चियों की साझा कस्टडी की मांग की है।

ऐसा माना जा रहा है कि डिपोर्ट करने की प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है। साथ ही इसमें नीना का काफी पैसा खर्च हो सकता है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस बात की संभावनाएं कम हैं कि भारत और रूस की सरकार तीनों की यात्रा के लिए खर्च करे।

कहां हैं नीना और उनकी बेटियां

तीनों को तुमकुरु के डिब्बूर स्थित विदेशी हिरासत केंद्र (FDC) में भेज दिया गया है। सत्यापन के बाद यह पाया गया कि परिवार अपने वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां रह रहा था, जिसके कारण उन्हें हिरासत में लिया गया। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि उनका वीजा समाप्त होने के बाद क्या कोई व्यक्ति उनकी मदद कर रहा था या इसमें कोई अन्य समूह शामिल है।

पिता की मांग

इजरायली नागरिक ड्रोर गोल्डस्टीन ने बेटियों की साझा कस्टडी मांगी है। गोल्डस्टीन ने बुधवार को ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, ‘मैं बस हफ्ते में कुछ वक्त अपनी बेटियों से मिलना चाहता हूं और उनकी देखभाल भी करना चाहता हूं। मेरी चिंता यह है कि अगर वे अभी रूस चली गईं, तो उनसे संपर्क बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए, मैं चाहता हूं कि वे भारत में ही रहें।’

गोल्डस्टीन ने बताया कि वह साल में लगभग छह महीने गोवा में रहते हैं। उन्होंने कहा कि वह पिछले कुछ वर्षों से कुटिना से अलग रह रहे थे और कुछ महीने पहले वह बेटियों को लेकर गोवा छोड़कर चली गईं, तब से उनसे उनका संपर्क नहीं था।

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