‘झूठे बयानों से प्रसादम की पवित्रता को नुकसान पहुंचा’, जगन मोहन रेड्डी का CM चंद्रबाबू पर निशाना

तिरुपति बालाजी के मंदिर में भोग प्रसाद के लड्डुओं में कथित मिलावटी घी के प्रयोग से जुड़े मामले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार हुई. इस दौरान कोर्ट ने जांच के लिए नई एसआईटी का गठन किया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तिरुपति बालाजी प्रसाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट के आरोपों की जांच राज्य सरकार की SIT नहीं करेगी. इसके लिए नई एसआईटी का गठन किया गया है. तिरुमला तिरुपति वेंकटेश्वर स्वामी बालाजी मंदिर के लड्डू प्रसाद विवाद की जांच के लिए सुप्रीम ने आदेश जारी कर सीबीआई निदेशक की निगरानी में नई विशेष जांच समिति बनाई है.

इस पर अब आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम और वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है. उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने सीएम चंद्रबाबू नायडू द्वारा की गई टिप्पणियों पर प्रकाश डाला, जिसमें कहा गया कि उन्होंने हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और राजनीतिक नाटक के लिए धार्मिक मामलों का उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी दी है. एसआईटी को भी रोक दिया गया, जिसका गठन सीएम ने किया था. चंद्रबाबू नायडू के झूठे बयानों से टीटीडी और प्रसादम की पवित्रता को नुकसान पहुंचा है. यहां तक ​​कि अदालतों ने भी टीटीडी पर आरोप लगाने के लिए सीएम चंद्रबाबू नायडू से सवाल किए.”

पूर्व सीएम रेड्डी ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी उन्हें (सीएम नायडू) झूठी खबर फैलाने के लिए शर्म महसूस करनी चाहिए. वह सरासर झूठ फैला रहे हैं. मुझे समझ में नहीं आता कि वह सोशल मीडिया पर क्यों पोस्ट कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने वाईएसआरसीपी के प्रति गुस्सा जताया है. उनके शासन (2014 से 2019) के दौरान 14 बार टैंकरों को वापस भेजा गया था. प्रसादम के निर्माण के लिए टीटीडी में एक मजबूत प्रणाली लागू की गई है. गुणवत्ता जांच से गुजरे बिना टैंकरों को उपयोग के लिए प्रवेश करने की अनुमति नहीं है. उत्पाद का उपयोग करने से पहले तीन परीक्षण किए जाने हैं. यदि कोई टैंकर एक भी परीक्षण में उत्तीर्ण होने में विफल रहता है, तो उसे बिना उपयोग किए वापस भेज दिया जाएगा.”

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