बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में रेत माफिया ने कॉन्स्टेबल शिव बचन सिंह की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। अब मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने कहा कि, अवैध खनन रोकने निर्देश के बाद यह हालत है, जो बहुत ही गंभीर बात है। स्टेट अफेयर्स की ऐसी हालत है। हाईकोर्ट ने DGP, खनिज सचिव और वन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, इस मामले में पुलिस ने दो संदेहियों को हिरासत में लिया है। पुलिस की 5 टीमें रेत तस्करों को पकड़ने में लगी हुई है। हालांकि, रेत तस्करों को पुलिस का संरक्षण मिलने का भी आरोप हैं। आरक्षक की मौत के बाद सनावल थानेदार को सस्पेंड कर दिया गया है।
दरअसल, रविवार 11 मई की रात करीब 11 बजे सनावल पुलिस की टीम कनहर नदी से अवैध रेत खनन रोकने लिबरा गांव पहुंची थी। इसी दौरान भाग रहे एक ट्रैक्टर को आरक्षक शिव बचन सिंह (43 साल) ने रोकने की कोशिश की। इस पर ट्रैक्टर ड्राइवर ने गाड़ी रोकने की जगह आरक्षक को ही कुचल दिया और फरार हो गया। इसमें आरक्षक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, लिबरा गांव में करीब 4 महीने से रेत की तस्करी हो रही थी। झारखंड के तस्कर लगातार बड़ी संख्या में गाड़ियां लगाकर रेत की तस्करी कर रहे थे। शनिवार की शाम ग्रामीण रेत तस्करी का विरोध करने लगे, तो सनावल पुलिस ने रेत तस्करी करते हुए 3 गाड़ियों को पकड़ा था। ग्रामीणों का आरोप है कि, तस्करों से कमीशन लेकर गाड़ियां छोड़ दी गई थी।
लिबरा गांव के सरपंच, पंच और ग्रामीणों ने रेत खनन को लेकर सनावल थाना प्रभारी से लिखित में शिकायत की थी। जिसमें रेत माफिया रोहित यादव, विश्वकर्मा और शमशाद मोहम्मद के नाम शामिल है। उन्होंने आशंका भी जताई थी कि, रेत खदान स्थान पर कभी भी कुछ हादसा हो सकता है। रेत तस्कर लगातार ग्रामीणों को धमकी भी दे रहे थे। बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि, तस्करों को पकड़ने के लिए 5 टीमें लगाई गई हैं, जो लगातार कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। इसमें पुलिस की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 3 गाड़ियों को पकड़ने के बाद छोड़ने को लेकर भी जांच होगी कि, किन परिस्थितियों में गाड़ियों को छोड़ी गई थी। इस मामले में सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने सनावल के थाना प्रभारी दिव्य कांत पांडेय को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया है। सरगुजा आईजी ने कहा कि, पुलिस जांच कर रही है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई।