महानदी में रेत माफिया का तांडव: दिन-रात अवैध उत्खनन से खतरे में नदी और पर्यावरण

अवैध रेत उत्खनन


महानदी में अवैध रेत उत्खनन का बेखौफ कारोबार

कांकेर जिले के चारामा विकासखंड में महानदी के किनारे अवैध रेत उत्खनन का मामला गंभीर रूप ले चुका है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम बासनवाही के पास दिन-रात रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है।

  • चैन माउंटेन मशीनों से रेत निकाली जा रही है।
  • रोजाना सैकड़ों हाईवा रेत से भरे नदी किनारों से गुजरते हैं।
  • इससे राज्य को भारी राजस्व हानि हो रही है।

पर्यावरण और नदी पर गंभीर प्रभाव

महानदी का प्राकृतिक स्वरूप लगातार बिगड़ रहा है। अवैध उत्खनन के कारण:

  • नदी के किनारों का कटाव बढ़ रहा है।
  • आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर घट रहा है।
  • भविष्य में बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ गया है।
  • वन्य जीवन और स्थानीय जैव विविधता प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से जारी है, बावजूद इसके खनिज विभाग और प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

अवैध रेत माफिया के बढ़ते हौसले

क्षेत्र में चर्चा है कि अवैध उत्खनन अलग-अलग जगहों पर लगातार जारी है।

  • रेत माफिया दिन-रात काम कर रहे हैं।
  • स्थानीय प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज किया जा रहा है।
  • ग्रामीण डर के कारण खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे।

स्थानीय लोगों की मांग

ग्रामीण और सामाजिक संगठन जिला प्रशासन और खनिज विभाग से मांग कर रहे हैं:

  • अवैध रेत उत्खनन की तुरंत निष्पक्ष जांच।
  • रेत तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई।
  • नदी और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ठोस कदम।

निवारक उपाय और सुझाव

अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं:

  • नदी किनारे नियमित निगरानी और ड्रोन से निरीक्षण।
  • अवैध हाईवा और मशीनों पर तुरन्त कार्यवाही।
  • स्थानीय समुदाय को जागरूक कर संरक्षण में शामिल करना।
  • खनिज विभाग को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना।

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