रायगढ़। जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र तमनार विकासखंड के ग्राम पंचायत कसडोल के आश्रित ग्राम काटाझरिया स्थित घटेश्वरी मंदिर परिसर और केलो नदी तट को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है।
यह क्षेत्र केलो नदी और पाछर नदी के संगम के पास स्थित है और प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था तथा शांत वातावरण के कारण पहले से ही आकर्षण का केंद्र रहा है।
कलेक्टर ने किया स्थल निरीक्षण
रायगढ़ से लगभग सवा घंटे की दूरी पर स्थित इस क्षेत्र का निरीक्षण कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने किया।
खनिज उत्खनन प्रभावित वनांचल क्षेत्र के भ्रमण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों के साथ स्थल का जायजा लिया और पर्यटन विकास की संभावनाओं का अवलोकन किया।
उन्होंने जिला पंचायत सीईओ और घरघोड़ा एसडीएम को निर्देश दिए कि:
- क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए
- स्थानीय स्तर पर ग्राम समिति का गठन किया जाए
- विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए
ग्रामीणों की मांग: मूलभूत सुविधाएं जरूरी
ग्रामीणों ने बताया कि रायगढ़ शहर के पास होने के कारण अवकाश के दिनों में बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन और पिकनिक के लिए आते हैं।
यदि निम्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है:
- स्वच्छता व्यवस्था
- बैठने की सुविधा
- पेयजल
- प्रकाश व्यवस्था
- दिशा संकेतक बोर्ड
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास
कलेक्टर ने मंदिर परिसर के पीछे स्थित केलो नदी तट का निरीक्षण कर स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- विकास कार्य प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना होंगे
- पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाए बिना समतलीकरण किया जाएगा
- चरणबद्ध तरीके से पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी
उन्होंने कहा कि संगम क्षेत्र स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने की पूरी क्षमता रखता है और पहले चरण में बुनियादी सुविधाओं पर जोर दिया जाएगा।
स्थानीय सहभागिता पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, घरघोड़ा एसडीएम दुर्गा प्रसाद अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
प्रशासन की इस पहल से वनांचल क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।