“सौम्या चौरसिया को शराब घोटाले के मामले में मिली जमानत, कोर्ट ने रखी कुछ शर्तें”

शराब घोटाला


बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि, कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जिनके चलते उनका जेल से बाहर आना आसान नहीं होगा। सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी का यह मामला राजनीति से जुड़े विवादों में गहरे तौर पर समाहित हो गया है।

सौम्या चौरसिया का जमानत का मामला

  1. पहली गिरफ्तारी: सौम्या चौरसिया पहले कोयला घोटाले में गिरफ्तार हुई थीं, जिसके बाद उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी।
  2. नया मामला: अब, उन्हें आबकारी घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
  3. जमानत याचिका: सौम्या चौरसिया ने अपनी गिरफ्तारी के बाद हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे पहले खारिज कर दिया गया था। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फिर से हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया और वहां उनकी याचिका को प्राथमिकता से सुनने को कहा।

वकील का तर्क

सौम्या चौरसिया की वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की जांच एजेंसियां बार-बार नई-नई FIR दर्ज कर रही हैं और उनकी गिरफ्तारी भी बार-बार की जा रही है। वकील ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा बताया और कहा कि अब तक सौम्या को 6 बार हिरासत में लिया जा चुका है।

कोर्ट का निर्णय

  1. हाईकोर्ट की शर्तें: सौम्या चौरसिया को जमानत मिलने के बाद भी कोर्ट ने कुछ शर्तें रखी हैं, जिनके कारण उन्हें जेल से बाहर आने में कुछ कठिनाई हो सकती है।
  2. जमानत के बावजूद दबाव: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई की, लेकिन उन्हें जमानत मिलने के बाद भी मामले में जारी जांच और शर्तों के चलते उन्हें राहत मिलना फिलहाल मुश्किल है।

राजनीति से जुड़ा विवाद

यह मामला राजनीतिक रूप से भी जुड़ा हुआ है, क्योंकि सौम्या चौरसिया के खिलाफ आरोप राजनीतिक बदले की भावना से लगाए जा रहे हैं। यह मामला छत्तीसगढ़ की सत्ता और विपक्ष के बीच बड़े विवाद का हिस्सा बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोटाला राज्य की राजनीतिक कलह को और बढ़ा सकता है।

समापन

सौम्या चौरसिया के खिलाफ मामले की जांच जारी रहेगी, और अब देखना यह होगा कि उन्हें जेल से बाहर आने के बाद किस तरह के कानूनी और राजनीतिक दबावों का सामना करना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में चल रहे इस घोटाले को लेकर विपक्षी दल भी सवाल उठा रहे हैं, और यह मामला आने वाले समय में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।

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