कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने सावरकर पर बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है। दिनेश गुंडू राव ने दावा किया है कि वीडी सावरकर गोहत्या के खिलाफ नहीं थे क्योंकि वे खुद मांसाहारी थे। दिनेश गुंडू राव ने कहा, “सावरकर मांसाहारी थे और वे गोहत्या के खिलाफ नहीं थे। ब्राह्मण होने के बावजूद वे मांस खाते थे और खुलेआम मांस खाने को बढ़ावा भी देते थे।” गांधी जयंती के मौके पर उन्होंने गांधी और सावरकर के विचारों की तुलना भी की। गुंडू राव पत्रकार धीरेंद्र झा की किताब ‘गांधी के हत्यारे: नाथूराम गोडसे का निर्माण और भारत के बारे में उनके विचार’ के कन्नड़ संस्करण के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे।
मंत्री ने आगे कहा कि सावरकर की विचारधारा कट्टरपंथ की ओर झुकी थी जबकि गांधी की मान्यताएं गहरी लोकतांत्रिक थीं। उन्होंने कहा कि गांधी के कार्यों में सहिष्णुता और समावेशिता झलकती थी जो उन्हें कट्टरपंथी सोच से अलग करती थी। गुंडू राव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह पुस्तक महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे की मानसिकता और उस दुखद क्षण के आसपास की घटनाओं का एक विवरण प्रस्तुत करती है। यह इस बात की भी जांच करती है कि सावरकर ने गोडसे की सोच को कैसे प्रभावित किया। लोकतंत्र में गांधी का विश्वास सावरकर की विचारधारा के बढ़ते प्रभाव और आज के दौर में कट्टरवाद की बढ़ती लहर के विरोध में शक्तिशाली जवाब है।”
वहीं गुंडू राव के बयान के जवाब में बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस को ‘झूठ की फैक्ट्री’ बताया और चेतावनी दी है कि देश सावरकर के प्रति किसी भी तरह का अनादर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत की छवि खराब करने के लिए दुनिया भर में झूठ फैलाया और उनकी पार्टी ने अब स्वतंत्रता सेनानियों को बदनाम करना शुरू कर दिया है। अनुराग ठाकुर ने कहा, “वीर सावरकर का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। कांग्रेस के नेताओं ने वीर सावरकर से कुछ नहीं सीखा और केवल सत्ता का आनंद लिया है।”
इस बीच वीडी सावरकर के पोते रंजीत सावरकर ने कहा है कि सावरकर ने गोरक्षा का पुरजोर समर्थन किया था और जो भी कांग्रेस नेता उनका अपमान करेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले मार्च में रंजीत ने राहुल गांधी पर अपने राजनीतिक लाभ के लिए सावरकर का बार-बार अपमान करने का आरोप लगाया था।