दिल्ली-NCR में प्रदूषण को लेकर SC में हुई सुनवाई, कोर्ट ने पूछा- पराली को लेकर क्या कदम उठाए गए?

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस ओका ने CAQM (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) पर गंभीर सवाल खड़े किए. कोर्ट ने कहा कि सीएक्यूएम ने अबतक अधिनियम के एक भी प्रावधान का अनुपालन नहीं किया है. आपका हलफनामा देखिए! इस प्राधिकरण ने कोई अनुपालन नहीं किया है! कोर्ट ने पूछा कि क्या धारा 11 के अंतर्गत समितियां बनाई गई हैं? कितनी बैठकें हुई हैं? क्या कदम उठाए गए हैं?

कोर्ट के इन तल्ख सवालों के बाद सीएक्यूएम के वकील ने कहा कि इस बाबत सभी समुचित कदम उठाए जा रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप बिना कमेटी गठित किए कैसे कदम उठा सकते हैं? हमें आयोग द्वारा अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया एक भी निर्देश दिखाइए. यह सब हवा में है. ऐसे में वे इससे कैसे निपटेंगे? बैठकें कहां हो रही हैं? क्या नोटिस जारी किए गए हैं? हमें आपके कागज में कोई दिलचस्पी नहीं है. हमें एक भी निर्देश दिखाओ जो उन्होंने जारी किया हो.

सीएक्यूएम ने अपने जवाब में कहा कि हमने समिति बनाने के बाद से 82 वैधानिक निर्देश और 15 परामर्श जारी किए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम खतरनाक और बड़े घटनाक्रम के मुहाने पर हैं. सुरक्षा और प्रवर्तन के लिए समितियों ने क्या कदम उठाए हैं? CAQM चेयरमैन ने कहा कि हमारी टीम ने 19,000 निरीक्षण किए हैं. हमने 10,000 से अधिक इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया है. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या इस समस्या के बारे में कुछ किया गया है जिसका हम हर दिन सामना करते हैं?

हर साल यही होता है. हर साल पराली जलाई जाती है. क्या इसमें कोई कमी आई है? क्या दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कम हो रहा है या बढ़ गया है? इसपर सीएक्यूएम ने कहा कि पराली जलाने की संख्या में कमी आई है. कोर्ट ने पूछा कि क्या वायु गुणवत्ता सुधरी है?

बता दें कि खरीफ फसलों की कटाई के साथ ही पंजाब और हरियाणा में फिर से पराली जलाई जाने लगी है. जिससे हवा में प्रदूषण बढ़ता है. बता दें कि पराली जलाने की घटनाओं के कारण हर साल दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ता है.

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