महिला DSP विवाद
महिला DSP विवाद: 1400 पेज की जांच रिपोर्ट ने खोले कई बड़े राज
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला DSP विवाद इन दिनों चर्चा का बड़ा केंद्र बना हुआ है। महिला डीएसपी कल्पना वर्मा और रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन से जुड़े इस मामले में सरकार के निर्देश पर कराई गई उच्चस्तरीय जांच पूरी हो चुकी है। एडिशनल एसपी स्तर की इस जांच की करीब 1400 पेज की विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है, जिसमें कई गंभीर और चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं।
जांच रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसमें खुफिया जानकारी लीक, रिश्वत, महंगे उपहार और कथित ‘लव ट्रैप’ जैसे संवेदनशील बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।
जांच रिपोर्ट में क्या-क्या आरोप सामने आए?
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला डीएसपी पर कारोबारी से अवैध लाभ लेने और संवेदनशील सूचनाएं साझा करने के आरोप लगाए गए हैं। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- कारोबारी से करीब 2.5 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप
- लगभग 2 करोड़ रुपये नकद लेने का दावा
- एक लग्जरी कार,
- 12 लाख रुपये की डायमंड रिंग,
- 5 लाख रुपये के सोने के गहने और अन्य महंगे उपहार
- माओवाद प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी संवेदनशील खुफिया जानकारी लीक करने का आरोप
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि खुफिया जानकारी लीक होने की पुष्टि होती है, तो यह मामला सिर्फ अनुशासनहीनता नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक श्रेणी में आ सकता है।
व्हाट्सएप चैट ने बढ़ाई मुश्किलें
जांच के दौरान दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट भी सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इन चैट्स में पुलिस विभाग से जुड़ी गोपनीय जानकारियां साझा करने के संकेत मिले हैं। इसी वजह से इस पहलू पर उच्च स्तर से विशेष रिपोर्ट मंगाई गई थी।
कारोबारी के गंभीर आरोप
दीपक टंडन का आरोप है कि वर्ष 2021 से उन्हें कथित तौर पर ‘लव ट्रैप’ में फंसाकर लगातार रकम और महंगे तोहफे लिए गए। उनका यह भी कहना है कि:
- शिकायत के बावजूद लग्जरी कार और ज्वेलरी अब तक वापस नहीं की गई
- डीएसपी के भाई के नाम पर होटल खोलने के बहाने करोड़ों रुपये वसूले गए
- इस पूरे मामले की अलग से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए
DSP कल्पना वर्मा का पक्ष
वहीं, महिला डीएसपी कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि:
- सभी आरोप झूठे और साजिश के तहत लगाए गए हैं
- वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग कर रही हैं
- सच्चाई सामने आने के बाद उनकी छवि साफ होगी
आगे क्या होगा?
अब शासन के पास 1400 पेज की जांच रिपोर्ट है, जिसके आधार पर:
- विभागीय कार्रवाई
- कानूनी प्रक्रिया
- या आगे की विशेष जांच
पर फैसला लिया जाएगा। महिला DSP विवाद न केवल प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।