जशपुर प्रेम विवाह
जशपुर से सामने आया अनोखा और भावुक मामला
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रेम, साहस और सामाजिक हकीकत—तीनों को एक साथ उजागर कर दिया। यहां पत्थलगांव थाना परिसर में स्थित शिव मंदिर में दो प्रेमी जोड़ों ने विधिवत शादी कर ली। यह नजारा न सिर्फ पुलिसकर्मियों के लिए बल्कि वहां मौजूद आम लोगों के लिए भी हैरानी और कौतूहल का विषय बन गया।
थाना परिसर बना विवाह स्थल
सोमवार का दिन पत्थलगांव थाने में सामान्य नहीं था।
थाने के अंदर मौजूद शिव मंदिर में:
- दो प्रेमी जोड़ों ने
- पूरे विधि-विधान के साथ
- सात फेरे लिए
- एक-दूसरे की मांग में सिंदूर भरकर
- भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया
यह सब कुछ पुलिस की मौजूदगी और निगरानी में हुआ, जिससे माहौल पूरी तरह सुरक्षित और शांतिपूर्ण बना रहा।
परिजनों के विरोध के बावजूद लिया बड़ा फैसला
जानकारी के अनुसार, एक प्रेमी युगल को शादी से पहले परिजनों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
बताया गया कि:
- घर में लगातार मनाने की कोशिशें होती रहीं
- झूमा-झटकी और तनाव की स्थिति भी बनी
- लेकिन अंततः परिजन थक गए
- और प्रेमी जोड़े ने कानून के दायरे में रहकर शादी का फैसला किया
दूसरा प्रेमी जोड़ा पिछले करीब एक साल से प्रेम संबंध में था।
बालिग होने का अधिकार, कानून बना सहारा
दूसरे प्रेमी युगल ने समझदारी दिखाते हुए सीधे कोई कदम उठाने की बजाय:
- खुद को बालिग बताते हुए
- पत्थलगांव थाने में आवेदन दिया
- सुरक्षा और विवाह की अनुमति मांगी
पुलिस ने दस्तावेजों की जांच के बाद दोनों की सहमति को वैध माना और मंदिर में विवाह की अनुमति दी।
कौन हैं नवविवाहित जोड़े?
इस अनोखी शादी में शामिल जोड़ों के नाम भी सामने आए हैं:
पहला जोड़ा:
- अमाकानी निवासी पल्लवी मरकाम
- गोढ़ीकला निवासी निर्मल लहरे
दूसरा जोड़ा:
- प्रेमनगर निवासी रानुराधा नामदेव
- रामकुमार विश्वकर्मा
दोनों जोड़ों ने जीवनभर साथ निभाने की कसमें लीं।
पुलिस बनी गवाह, लोगों ने दिया आशीर्वाद
शादी के दौरान:
- पुलिसकर्मी मूक साक्षी बने
- थाना परिसर में मौजूद लोगों ने
- नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं
- किसी तरह का विवाद या अव्यवस्था नहीं हुई
यह दृश्य यह भी दर्शाता है कि जब प्रेमी जोड़े कानून के दायरे में रहते हुए कदम उठाते हैं, तो प्रशासन भी सहयोग करता है।
क्यों खास है यह खबर?
जशपुर प्रेम विवाह इसलिए चर्चा में है क्योंकि:
- थाना परिसर में शादी होना बेहद दुर्लभ है
- यह सामाजिक दबाव और प्रेम के टकराव को दिखाता है
- बालिगों के वैधानिक अधिकारों को रेखांकित करता है
- पुलिस की संवेदनशील भूमिका सामने लाता है