दिल्ली लापता लोग 2026
📰 पूरा लेख (400+ शब्द)
दिल्ली। साल 2026 की शुरुआत राजधानी दिल्ली के लिए चिंता बढ़ाने वाली साबित हो रही है। नए साल के पहले सिर्फ 27 दिनों में ही 807 लोगों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए हैं। ये आंकड़े न केवल चौंकाने वाले हैं, बल्कि दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक हालात पर गंभीर सवाल भी खड़े करते हैं।
दिल्ली पुलिस के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन 807 मामलों में से अब तक 235 लोगों को ही ट्रेस किया जा सका है, जबकि 572 लोग अभी भी लापता हैं। यानी हर दिन औसतन 27 लोग राजधानी से गायब हो रहे हैं, लेकिन पुलिस सिर्फ 9 लोगों तक ही पहुंच पा रही है।
📊 आंकड़ों में छुपी सच्चाई
अगर इन आंकड़ों को गहराई से देखें, तो हालात और ज्यादा गंभीर नजर आते हैं—
- पहले 27 दिनों में कुल लापता लोग: 807
- ट्रेस किए गए लोग: 235
- अब भी लापता: 572
- प्रतिदिन औसतन लापता: 27 लोग
- प्रतिदिन ट्रेस: लगभग 9 लोग
🚨 बच्चों के मामले सबसे ज्यादा चिंताजनक
इन लापता मामलों में नाबालिग बच्चों की संख्या बेहद चिंताजनक है। कुल 191 नाबालिग बच्चे लापता हुए, जिनमें से सिर्फ 48 को ही खोजा जा सका।
- कुल लापता बच्चे: 191
- ट्रेस किए गए बच्चे: 48
- अब भी लापता बच्चे: 137
- इनमें लड़कियां: 120
- लड़के: 17
यानी साफ है कि किशोरियों के लापता होने के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं।
👧 12 से 18 साल के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित
उम्र के हिसाब से देखें तो सबसे ज्यादा मामले 12 से 18 साल के आयु वर्ग में दर्ज किए गए—
- 0–8 साल: 9 बच्चे (3 ट्रेस)
- 8–12 साल: 13 बच्चे (3 ट्रेस)
- 12–18 साल: 169 बच्चे
- ट्रेस: 48
- लापता: 121
यह आंकड़ा बताता है कि किशोर उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा असुरक्षित स्थिति में हैं।
👨👩👧 वयस्कों के मामले भी कम नहीं
पहले 27 दिनों में 616 वयस्क भी लापता हुए—
- ट्रेस हुए वयस्क: 181
- पुरुष: 90
- महिलाएं: 91
- अब भी लापता: 435
महिलाओं और पुरुषों की संख्या लगभग बराबर होना यह दर्शाता है कि महिलाओं की गुमशुदगी भी तेजी से बढ़ रही है।
😨 11 साल में 6,931 बच्चे आज भी लापता
सबसे डराने वाली तस्वीर तब सामने आती है जब पिछले 11 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालते हैं—
- 2016–2026 के बीच लापता बच्चे: 60,694
- ट्रेस किए गए: 53,763
- आज भी लापता: 6,931
यानी करीब 11% बच्चे आज तक नहीं मिल पाए। इन बच्चों के साथ क्या हुआ, वे कहां हैं—इसका जवाब अब तक किसी के पास नहीं है।
❓ सबसे बड़ा सवाल
साल बदलते जा रहे हैं, तकनीक आगे बढ़ रही है, लेकिन
लापता लोगों और बच्चों की संख्या कम क्यों नहीं हो रही?
और जो लोग कभी नहीं मिलते—उनकी कहानी आखिर क्या है?