महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ये साफ हो गया कि शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-शरद गुट) महाविकास अघाड़ी (MVA) के सहयोगी दलों में सबसे कमजोर साबित हुई है. NCP (शरद गुट), जिसने लोकसभा चुनाव में 80% की शानदार स्ट्राइक रेट दर्ज की थी, इस बार विधानसभा चुनाव में बुरी तरह पिछड़ गई. शरद पवार की पार्टी ने 86 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन केवल 10 पर जीत हासिल कर पाई.
एनसीपी, जो कभी महाराष्ट्र के शुगर बेल्ट और सहकारी क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जानी जाती थी, इस बार कमजोर नजर आई. एमवीए गठबंधन के तहत एनसीपी ने 86 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन सिर्फ 10 सीटें जीत पाई. शुगर बेल्ट की 27 सीटों में से एनसीपी (SP) को सिर्फ 7 सीटों पर सफलता मिली. इनमें से 4 सीटें सोलापुर जिले से आईं, जहां मोहिते-पाटिल परिवार के समर्थन वाले उम्मीदवारों ने मालशिरस, माढा, करमाला और मोहल सीटें जीतीं.