16 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा के साथ चांद की रौशनी में खीर भी रखते हैं।

आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा मनायी जाती है। इस साल 16 अक्टूबर, 2024 के दिन शरद पूर्णिमा पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है। पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपने पूरे सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस दिन चंद्रमा मीन राशि में रहेंगे, जो धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस संयोग के कारण इस वर्ष की शरद पूर्णिमा खास होगी और प्रभाव अत्यधिक शुभदायक रहेगा। आइए पंडित जी से जानते हैं शरद पूर्णिमा के दिन चांद निकलने व खीर रखने का टाइम व महत्व-

शरद पूर्णिमा कल: जगन्नाथ मंदिर के पंडित सौरभ कुमार मिश्रा के अनुसार, शरद पूर्णिमा हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 16 अक्टूबर बुधवार की रात 7:59 बजे शुरू होगी। यह तिथि अगले दिन 17 अक्टूबर को शाम 5:34 बजे तक मान्य रहेगी।

पंडित सौरभ कुमार मिश्रा के मुताबिक, शरद पूर्णिमा का पर्व 16 को ही मनाया जायेगा। इस दिन शरद पूर्णिमा का चंद्रोदय शाम में 05:05 बजे पर होगा।

खीर रखने का टाइम: पंडित जी ने बताया, शरद पूर्णिमा की रात खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की किरणों में खीर रखते हैं। खीर रखने का समय रात में 08:40 बजे से है।

खीर रखने का महत्व: पंडित सूर्यमणि पांडेय के अनुसार, लोगों का विश्वास है कि इस दिन चंद्रमा की किरणों से अमृत टपकता है, जो शरीर को ऊर्जा और स्वास्थ्य प्रदान करता है। इसलिए इस दिन खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रातभर रखा जाता है। अगले दिन इसे प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है और माना जाता है कि इस प्रसाद का सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर होती हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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