एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला अचानक डेथ ने सभी को हैरान कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक्ट्रेस का बीपी लो हुआ और उसके बाद वो बेहोश हो गई। मौत के कारण की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन शुरुआती पुलिस जांच में ये सामने आया है कि एक्ट्रेस को दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। एक्ट्रेस की करीबी पूजा घई ने अपने एक इंटरव्यू में ये कन्फर्म किया कि एक्ट्रेस ने डेथ से पहले विटामिन C IV की ड्रिप ली थी। हमारे साथ खास बातचीत में स्किन स्पेशलिस्ट ने विटामिन C और ग्लूटाथायोन जैसे स्किन ट्रीटमेंट पर खुलकर बात की है। डॉक्टर ने स्किन ट्रीटमेंट के फायदे और नुकसान बताए।
डॉक्टर के साथ खास बातचीत
Live Hindustan के साथ खास बातचीत में Dr. Kalra’s Aesthetic Clinic, इंदिरापुरम, गाजियाबाद की सीनियर एस्थेटिक और एंटी-एजिंग कंसल्टेंट और इंजेक्टर डॉक्टर नेहा एस कालरा ने विटामिन C और ग्लूटाथायोन जैसे स्किन ट्रीटमेंट पर बात की। डॉक्टर नेहा कालरा पिछले 12 सालों से इस फील्ड में काम कर रही हैं। डॉक्टर नेहा के साथ बातचीत-
हमारा सवाल: क्या होता है ग्लूटाथायोन और विटामिन C IV ड्रिप?
डॉक्टर नेहा कहती हैं, “ग्लूटाथायोन एक पावरफुल एंटीऑक्सिडेंट है, जिसका इस्तेमाल पहले कैंसर या HIV मरीजों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए होता था। लेकिन आजकल इसे स्किन वाइटनिंग और ग्लो के लिए प्रमोट किया जा रहा है। वहीं विटामिन C भी स्किन हेल्थ के लिए फायदेमंद है, लेकिन जब इसे IV ड्रिप के जरिए दिया जाता है, तो इसका असर बहुत तेज होता है क्योंकि यह सीधे ब्लडस्ट्रीम में जाता है।”
हमारा सवाल: क्या ये ट्रीटमेंट हर किसी के लिए सुरक्षित हैं?
उन्होंने कहा, “इन ट्रीटमेंट्स को सिर्फ डॉक्टर की निगरानी में ही लेना चाहिए। हर किसी की बॉडी की जरूरतें और मेडिकल हिस्ट्री अलग होती है। गलत डोज या बिना जांच के लिए गए ट्रीटमेंट से लिवर, किडनी या हार्ट पर असर हो सकता है।”
हमारा सवाल: खाली पेट लेने के क्या नुकसान हैं?
शेफाली जरीवाला के केस में रिपोर्ट्स में यह सामने आया था की डेथ वाले दिन एक्ट्रेस का व्रत था और उन्होंने विटामिन C ड्रिप खाली पेट ली थी। इस पर डॉक्टर नेहा कालरा कहती हैं, “IV ड्रिप्स में दिए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स काफी पावरफुल होते हैं और इन्हें शरीर में ठीक से काम करने के लिए खाने की जरूरत होती है। खाली पेट लेने से चक्कर आना, ब्लड प्रेशर गिरना, घबराहट, हार्टबीट तेज होना या सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।”
हमारा सवाल: क्या ये स्किन वाइटनिंग में सच में असरदार हैं?
डॉक्टर कहती हैं, “ग्लूटाथायोन को मार्केट में स्किन लाइटनिंग एजेंट के रूप में बेचा जाता है, लेकिन सच्चाई ये है कि इसका असर हर किसी की बॉडी पर अलग होता है। कोई भी ट्रीटमेंट 100% वाइटनिंग गारंटी नहीं देता। इसके अलावा ये ट्रीटमेंट तभी असर करते हैं जब एक डॉक्टर के बताए प्लान के तहत बार-बार दिए जाएं, वो भी नियमित जांच के साथ।”
सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम ट्रेंड्स से खतरा
डॉक्टर नेहा कालरा ने चिंता जताई कि आजकल कई लोग सोशल मीडिया से प्रभावित होकर ऐसे ट्रीटमेंट लेने लगे हैं। उन्होंने कहा, “इंफ्लुएंसर ट्रेंड्स में दिखता है कि किसी ने कोई ग्लो ट्रीटमेंट लिया और तुरंत फर्क दिखा। लोग बिना डॉक्टर की सलाह के पार्लर या अनजाने क्लीनिक में जाकर ट्रीटमेंट करा लेते हैं। लेकिन स्किन, लिवर और इम्यून सिस्टम पर इनका गहरा असर हो सकता है।”
डॉक्टर की सलाह के बिना न लें ट्रीटमेंट
डॉक्टर नेहा ने कहा, “कोई भी स्किन ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले ब्लड टेस्ट, एलर्जी टेस्ट और मेडिकल हिस्ट्री चेक करना बहुत जरूरी है। किसी एक के लिए फायदेमंद ट्रीटमेंट, दूसरे के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए डॉक्टर की गाइडेंस और निगरानी में ही कोई भी ट्रीटमेंट करवाना चाहिए।”