कांकेर l शिवसेना कांकेर द्वारा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पखांजूर में डॉक्टर व स्टाफ नर्स की कमी को लेकर कांकेर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। शिवसेना जिला प्रभारी महेश (वासु) दुबे ने बताया पखांजूर क्षेत्र अति संवेदनशील व दुरुस्त वनांचल क्षेत्र है लाखों की आबादी पर स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी )पखांजूर जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से तीन गुना ज्यादा बड़ा है मरीजों की संख्या भी यहां तीन गुना ज्यादा रहता है जबकि पखांजूर अस्पताल में विशेष रूप से आवश्यकता है जैसे हड्डी रोग विशेषज्ञ ,स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग व शिशु रोग विशेषज्ञ, स्टाफ नर्स, वार्ड बाय, सफाई कर्मी इत्यादि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी में चिकित्सकों और विशेषज्ञ की कमी है सिविल अस्पताल का जो शासन द्वारा सेटअप है पांच स्पेशलिस्ट होना चाहिए वहां एक भी नहीं है एमबीबीएस ड्यूटी डॉक्टर 6 से 7 होना चाहिए मात्र चार ही है तो वहां 7 से 8 डॉक्टर की कमी है वहां कार्य भी कर रहे हैं डॉक्टर तो वहां पीएचसी का है जो वहां अटैच किए गए हैं।
श्री दुबे ने आगे कहा शिव सैनिक द्वारा सरकारी अस्पताल पखांजूर का निरीक्षण किया तो पता चला। स्टाफ के कमी के कारण समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है सरकार स्वास्थ्य सरकारी अस्पताल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए हर साल विभिन्न योजनाओं सरकारी तौर पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है।इसके बावजूद आमजन को पर्याप्त स्वास्थ्य लाभ क्यों नहीं मिल रहा है। जिले के अंतिम छोर अंचल में स्थित पखांजूर सीएचसी में स्वास्थ्य बुरी तरह लड़खड़ाई हुई है। जिसका एक उदाहरण है जिले के अंतिम छोर स्थित पखांजूर अस्पताल यहां सरकार ने कहने को तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बना दिया है लेकिन यहां मिलने वाले सुविधा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्तर का भी नहीं है। यहां अस्पताल कुछ डाक्टर व कुछ नर्स के भरोसे चल रहा है ना तो मरीजों को एक्स-रे सुविधा है ना ही ब्लड डोनेट की व्यवस्था है।
इस असुविधा के बीच गंभीर मरीजों को 130 किलोमीटर दूर कांकेर जिला अस्पताल जाना पड़ता है सरकार ने जरूरत के मुताबिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा तो दे दिया। लेकिन व्यवस्थाएं व सुविधाओं का विस्तार आज तक नहीं किया गया है यही कारण है कि यह अस्पताल कहलाता तो सीएचसी है। लेकिन मरीजों को सुविधा पीएचसी स्तर की भी नहीं मिल पा रही है। क्योंकि यहां सालों से कुछ डाक्टर व स्टाफ नर्स ही पदस्थ हैं। ऐसे में मरीजों को 24 घंटे स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रहा है डॉक्टरों की कमी मरीजों का दर्द बड़ा रहा है डॉक्टर की कमी के कारण लोग प्राइवेट अस्पताल धमतरी, रायपुर जैसे बड़े शहरों में जाने मजबूर हो रहे हैं। और अपने खून पसीने की कमाई से इलाज करवा कर शोषण का शिकार हो रहे हैं। श्री दुबे ने आगे कहा डॉक्टर के कमी के कारण मौजूदा समय में काम कर रहे डॉक्टर पर बहुत ज्यादा कार्य रहता है यही कारण है कि वह तनाव में रहते हैं एमबीबीएस, पीजी की पढ़ाई पूरी कर चुके विद्यार्थी कम संसाधन वाले सरकारी अस्पताल के बजाय संसाधन संपन्न प्राइवेट अस्पताल में काम करना ज्यादा पसंद करते हैं।
कोई दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र में जाना नहीं चाहता। शिवसेना शासन प्रशासन से मांग करती है अभिलंब पखांजूर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा हड्डी रोग विशेषज्ञ, सर्जन, शिशु रोग बाल रोग विशेषज्ञ, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, सफाईकर्मी, आया, चौकीदार ब्लड डोनेट सामग्री व भवन आदि की जो कमी है उसे जल्द से जल्द पूर्ति कर पर्याप्त मात्रा में मरीजों को मेडिसिन दवाइयां उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इलाज हेतु जांच उपकरण की उपलब्धता कराई जाए। ताकि समय पर उचित इलाज मरीजों को मिल सके। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से युवा सेना जिला उपाध्यक्ष प्रेसनजीत पाल अमित बाईन पिंटू राय पवित्र मंडल इत्यादि उपस्थित थे।