न्याय का झटका! एफआईआर दर्ज नहीं करने पर थाना प्रभारी पर केस, कोर्ट का सख्त आदेश

पेण्ड्रा रोड। भूमि विवाद से जुड़े एक मारपीट एवं धमकी के मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं करने को गंभीर लापरवाही मानते हुए न्यायालय ने थाना पेण्ड्रा में पदस्थ तत्कालीन थाना प्रभारी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 166(क) एवं 166(ख) के तहत अपराध पंजीबद्ध करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने इसे लोक सेवक द्वारा अपने वैधानिक कर्तव्यों की अवहेलना माना है।

न्यायालय सूत्रों के अनुसार घटना 01 मई 2023 को दोपहर लगभग 2 बजे की है, जब वरिष्ठ अधिवक्ता के भाई अशोक साहू की भूमि की नापजोख की जा रही थी। मौके पर राजस्व निरीक्षक, पटवारी, कोटवार सहित राजस्व अमला उपस्थित था। इसी दौरान बगल की भूमि का पंकज तिवारी वहां पहुंचा और नापजोख का विरोध करते हुए कार्य रुकवाने का प्रयास किया।

परिवादी द्वारा नापजोख जारी रखने की बात कहने पर आरोपी पंकज तिवारी ने कथित तौर पर परिवादी अधिवक्ता के साथ मारपीट की, गाली-गलौच की तथा जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने इनोवा वाहन में रॉड होने की बात कहते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

घटना की लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद थाना पेण्ड्रा में तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 16 मई 2023 को पुलिस अधीक्षक, जिला जीपीएम के समक्ष शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः परिवादी ने न्यायालय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी पेण्ड्रा रोड के समक्ष परिवाद दायर किया।

न्यायालय ने 31 अक्टूबर 2023 को पारित आदेश में थाना प्रभारी पेण्ड्रा को निर्देशित किया था कि आरोपी पंकज तिवारी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 323 एवं 506 (भाग-दो) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जाए। आदेश के अनुपालन में पुलिस द्वारा विवेचना पूर्ण कर 31 दिसंबर 2024 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

वर्तमान परिवाद की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रारंभिक साक्ष्यों एवं दस्तावेजों के अवलोकन के बाद पाया कि घटना की सूचना के बावजूद तत्कालीन थाना प्रभारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं करना विधि के निर्देशों का उल्लंघन है। इसे लोक सेवक द्वारा पदीय कर्तव्य की अवहेलना मानते हुए न्यायालय ने थाना प्रभारी के विरुद्ध धारा 166(क) एवं 166(ख) भादंसं के तहत अपराध पंजीबद्ध किए जाने के आदेश दिए हैं।

प्रकरण में अभियुक्त तत्कालीन थाना प्रभारी की उपस्थिति के लिए न्यायालय द्वारा 28 जनवरी 2026 की तिथि नियत की गई है।

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