ऐसे बहसी कहां से आते हैं, समझ से तो बिलकुल परे है. अभी हाल में कोलकाता में आरजी कर हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हैवानियत का केस थमा ही नहीं था. अब महाराष्ट्र के बदलापुर विरोध-प्रदर्शन की आग में झुलस रहा है. 4 और 6 साल की दो मासूम बच्चियों के साथ स्कूल के एक सफाईकर्मी ने यौन शोषण किया था. माता-पिता के शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी सफाईकर्मी को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन, यह मामला जैसे ही बाहर आया, विरोध की लहर फूट पड़ी. स्थानीय लोगों ने रेल गाड़ियों को रोक कर प्रदर्शन किया. लेकिन, विरोध प्रदर्शन ने भीषण रूप ले लिया.
इस आंदोलन में काफी तोड़फोड़ हुए, गाड़ियां जलाईं गईं, पुलिस पर हमले हुए, लाठीचार्ज भी हुआ, इंटरनेट सेवाएं बंद किया गया फिर बहाल भी, 68 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया. 300 सो अधिक लोगों पर एफआईआर भी हुए. बहरहाल, इन सबसे अलग पुलिस ने इस आंदोलन को लेकर एक चौकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस का कहना है कि उनके हाथ एक ऐसा वॉयस रिकॉर्डिंग हाथ लगी है, जो इस आंदोलन के काले सच की पोल खोल दी है.
पुलिस ने बताया कि वॉयस रिकॉर्डिंग से पता चला कि बच्चियों को साथ यौन शोषण के बाद स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया. इसका कोई नेतृत्व नहीं था. फिर, इस प्रदर्शन पर अपनी रोटी सेंकने बाहरी लोग आ घमके. कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इसका फायदा उठाया. आंदोलन नियोजित किया, इसे नेतृत्व दिया. काम था सरकार और सरकारी तंत्र पर हमला करना. पुलिस ने अब तक इस मामले में 68 लोगों को गिरफ्तार किया है. कल्याण रेलवे पुलिस ने 28 लोगों को और बदलापुर ईस्ट वेस्ट पुलिस ने 40 लोगों को गिरफ्तार किया है. 300 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इस मामले में 100 से ज्यादा लोग फरार हैं.
पुलिस ने इन आंदोलनकारियों पर रेलवे एक्ट, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी काम में बाधा डालने, पूर्व नियोजित आपराधिक साजिश रचने, सरकारी कर्मचारियों को घायल करने जैसे गंभीर अपराध दर्ज किये गये हैं. साथ ही आंदोलन की जांच के लिए विशेष टीमें नियुक्त की हैं. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों में से कई बाहरी थे. वहीं, पुलिस ने नागरिकों से भी अफवाहों में न आने की अपील की है.
बदलापुर में आंदोलन से राजनीति खेमे में भी गरमी बढ़ गई है. शिवसेना (शिंदे ग्रुप) के पूर्व शहरी अध्यक्ष वामन म्हात्रे ने इस विरोध प्रदर्शन के लिए उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना पर आरोप लगाया है. म्हात्रे ने कहा कि जो लोग रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वे बाहरी लोग थे, मुंब्रा, पनवेल, नवी मुंबई से लोग आए थे. उद्धव ठाकरे समूह ने बदलापुर शहर को कलंकित करने का प्रयास किया है.
शिवसेना ठाकरे समूह के नेता संजय राउत का बयान आया है. उन्होंने कहा कि लोगों का गुस्सा सड़कों पर आ गया है, वे अपराधी नहीं हैं. ऐसे में विपक्ष का हाथ कैसे हो सकता है? पुलिस का कोई डर नहीं है. लड़कियों को छूने की किसी की हिम्मत कैसे हुई. राउत ने मौजूदा राज्य सरकार पर भी हमले बोले. उन्होंने कहा कि यह सरकार यौन शोषण के मामलों में कुछ नहीं कर रही है.