श्री रामलला दर्शन योजना
सुदूर गांवों के श्रद्धालुओं का अयोध्या धाम तक सपना हुआ साकार
छत्तीसगढ़ सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना ने सुदूर अंचलों में रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का नया द्वार खोल दिया है। कोरिया प्रवास के दौरान विष्णुदेव साय ने झुमका जलाशय परिसर में अयोध्या धाम की पावन यात्रा कर लौटे श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से उनके अनुभव सुने और यात्रा के दौरान मिली सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। श्रद्धालुओं के चेहरे पर संतोष और श्रद्धा की चमक साफ दिखाई दे रही थी।
निःशुल्क अयोध्या यात्रा बनी अविस्मरणीय अनुभव
श्रद्धालुओं ने बताया कि शासन के सहयोग से उन्हें पहली बार अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिला।
उन्होंने साझा किया कि:
- यात्रा पूरी तरह निःशुल्क थी
- आवास और भोजन की समुचित व्यवस्था की गई
- सुरक्षा और मार्गदर्शन की विशेष सुविधा उपलब्ध थी
- सम्मानपूर्वक व्यवहार ने यात्रा को खास बना दिया
कई श्रद्धालुओं ने कहा कि अपने दूरस्थ गांवों से अयोध्या तक पहुँचना पहले उनके लिए लगभग असंभव था, लेकिन इस योजना ने उनकी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी कर दी।
मुख्यमंत्री ने सुने आध्यात्मिक अनुभव
मुलाकात के दौरान श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को अपने भक्तिमय अनुभवों से अवगत कराया। कई लोगों ने भावुक होकर बताया कि रामलला के दर्शन उनके जीवन का सबसे पवित्र क्षण था।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को ‘हमारे राम’ तैलचित्र भेंट कर आभार व्यक्त किया। यह दृश्य श्रद्धा, विश्वास और सरकार के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक बन गया।
“प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के भांचा हैं”
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम छत्तीसगढ़ के “भांचा” हैं और प्रदेशवासियों को उनके दर्शन कराना सरकार के लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने जोर देकर कहा:
- सुदूर अंचलों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना ही असली जनसेवा है
- शासन का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुँचाना है
- आस्था और संस्कृति से जुड़ी योजनाएं समाज को जोड़ती हैं
उनके इस वक्तव्य ने उपस्थित श्रद्धालुओं में नया उत्साह भर दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी खुशी और विश्वास
इस योजना से खासतौर पर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।
योजना के प्रमुख लाभ:
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राहत
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
- सामाजिक समरसता में वृद्धि
- ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत
कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यह सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि जीवनभर की याद बन गई है।
जनसेवा की नई परिभाषा
श्री रामलला दर्शन योजना केवल एक धार्मिक यात्रा कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समावेशन और सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम बन चुकी है।
जब सुदूर गांवों से लोग अयोध्या धाम तक पहुँचते हैं, तो यह न केवल उनकी आस्था की जीत होती है, बल्कि शासन की प्रतिबद्धता का भी प्रमाण बनती है।