शुभमन गिल को दिलीप वेंगसकर की सलाह: 95 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने के लिए पूरी कोशिश करनी चाहिए

पूर्व भारतीय बल्लेबाज दिलीप वेंगसरकर ने बुधवार को कहा कि ‘विश्वस्तरीय’ शुभमन गिल के लिए कप्तान के रूप में फैसले करने के लिए ढेरों रन बनाना बेहद जरूरी था। उन्होंने साथ ही कहा कि युवा खिलाड़ियों ने दिखाया कि वे भारतीय क्रिकेट को आगे ले जाने में सक्षम हैं। भारत ने दूसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड को 336 रन से हराकर पांच टेस्ट मैच की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली जबकि दौरे की शुरुआत लीड्स में पांच विकेट की निराशाजनक हार के साथ हुई थी। भारतीय टीम की अगुआई कर रहे गिल ने केवल चार पारियों में तीन शतक की मदद से 585 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 269 रन रहा है।

‘हर कोई सोच रहा था कि रोहित-विराट…’

वेंगसरकर ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्होंने एक कप्तान और एक बल्लेबाज के रूप में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। यह बहुत जरूरी था कि वे रन बनाएं जिससे कि वह बिना दबाव के फैसले कर सकें और आगे बढ़कर नेतृत्व कर सकें, जो बहुत महत्वपूर्ण है और उन्होंने ऐसा किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह एक अनुभवी खिलाड़ी हैं। वह एक विश्वस्तरीय बल्लेबाज हैं और उन्होंने इंग्लैंड में यह दिखाया। इंग्लैंड की परिस्थितियों को देखते हुए हर कोई सोच रहा था कि रोहित शर्मा और विराट कोहली की अनुपस्थिति में भारतीय टीम का क्या होगा।’’ इस पूर्व बल्लेबाज ने मुंबई के क्रिकेट सत्र 2025-26 की शुरुआत के मौके पर कहा, ‘‘लेकिन इन युवा खिलाड़ियों ने दिखाया है कि वे ऐसा करने में सक्षम हैं और मुझे उन पर बहुत गर्व है।’’

‘शुभमन गिल को तोड़ना चाहिए ये रिकॉर्ड’

चार पारियों में 585 रन बना चुके गिल टेस्ट इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा किसी सीरीज में सर्वकालिक सर्वाधिक रन बनाने का सर डोनाल्ड ब्रैडमैन का 95 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने की राह पर हैं। ब्रैडमैन ने 1930 की एशेज सीरीज में 974 रन बनाए थे। गिल अब ब्रैडमैन के रिकॉर्ड से 390 रन पीछे हैं और वेंगसरकर ने कहा कि 25 वर्षीय यह खिलाड़ी इस रिकॉर्ड को तोड़ सकता है। वेंगसरकर ने कहा, ‘‘वह शानदार फॉर्म में हैं और एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं। मुझे उम्मीद है कि वह ऐसा करेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि वह ऐसा कर पाएगा या नहीं लेकिन मुझे यकीन है कि उसके पास मौका है। वह शानदार फॉर्म में हैं और उसे ऐसा करना चाहिए, मुझे ऐसा लगता है।’’

कोहली के प्रदर्शन का क्यों दिया उदाहरण?

वेंगसरकर ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि भारत ने पहले दो टेस्ट मैच में कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के बिना भी अच्छा प्रदर्शन किया है। वेंगसरकर ने एमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नामेंट में कोहली के प्रभावशाली प्रदर्शन का उदाहरण दिया जिसने भारतीय चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में उनका ध्यान खींचा था। उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया में एक एमर्जिंग टूर्नामेंट के लिए मैंने अंडर-23 खिलाड़ियों को चुनने का फैसला किया। दूसरी टीमों ने ऐसे टेस्ट खिलाड़ियों को भी खिलाया जो राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं थे।’’ वेंगसरकर ने कहा, ‘‘प्रवीण आमरे कोच थे, मैंने उन्हें विराट के साथ पारी की शुरुआत करने के लिए कहा और उन्होंने ना केवल शतक बनाया बल्कि अपनी टीम को मैच भी जिताया। आपको इससे सीख लेनी चाहिए।’’

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