नई दिल्ली. परिस्थितियां चाहें जैसी हों, चाहें जितनी चुनौतीपूर्ण हों; एक लीडर वही होता है जो टीम का मनोबल न टूटने दे। उनका हौंसला बढ़ाए। जीत का आत्मविश्वास पैदा करे। युद्ध का मैदान हो या खेल का मैदान, यही नियम लागू होता है। इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट में कप्तान शुभमन गिल भी यही करते आए। पांचवें टेस्ट के चौथे दिन उनके शब्दों ने कमाल किया और भारत अब सीरीज बराबरी के दहलीज पर खड़ा है।
गेंदबाजों और टीम का हौसला बढ़ाते हुए शुभमन गिल की आवाज स्टंप माइक में कैद हुई। वह कहते दिख रहे हैं, ‘कम ऑन, बॉयज। एक घंटा और जोर लगाएंगे, उसके बाद सब मिल के आराम करेंगे।’
गिल की हौसलाफजाई ने जैसे जादू का काम किया और चाय के बाद प्रसिद्ध कृष्ण ने पहले ही ओवर में जैबक बेथेल को आउट कर दिया। बाद में उन्होंने खतरनाक जो रूट को भी पवैलियन भेजकर भारत की जीत की उम्मीदें जगा दी। टीम मुकाबले में वापस आ गई। खराब रोशनी और बारिश की वजह से दिन का खेल समय से पहले खत्म करना पड़ा। उस वक्त इंग्लैंड 6 विकेट के नुकसान पर 339 रन बनाकर खेल रहा था। अगर मौसम की बाधा नहीं आती तो भारतीय गेंदबाज जिस लय में थे और इंग्लैंड के बल्लेबाज जिस तरह दबाव में आए थे, भारतीय टीम ऐतिहासिक जीत हासिल कर सकती थी। अब उसे पांचवें दिन का इंतजार करना होगा।
इंग्लैंड को जीत के लिए चौथी पारी में 374 रन का लक्ष्य मिला है। ओवल के 123 साल के इतिहास में अब तक किसी भी टीम ने इतने बड़े लक्ष्य को हासिल नहीं किया है। मैच के आखिरी दिन भारत को जीत के लिए 4 विकेट और इंग्लैंड को 35 रन की जरूरत है।